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Iran Executes Israeli Spy: ईरान-इजरायल युद्ध ( Iran Israel War) के बाद तेहरान लगातार मोसाद खुफिया एजेंसी से जुड़े लोगों को फांसी दे रहा है. इस बीच फिर ईरान ने इजरायल की मोसाद खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने के दोषी एक शख्स को क़ोम शहर में फांसी दे दी है. ईरानी मीडिया ने यह जानकारी दी है.
क़ोम प्रांत के मुख्य न्यायाधीश होज्जातोलसलाम काज़म मौसवी के हवाले से इरना समाचार एजेंसी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसले को बरकरार रखने और क्षमादान के अनुरोध को अस्वीकार करने के बाद फांसी की सजा दी गई. दोषी जासूस को मोहरेबेह (ईश्वर के विरुद्ध युद्ध छेड़ना) और धरती पर भ्रष्टाचार का दोषी पाया गया था, ये ऐसे आरोप हैं जिनके लिए ईरानी कानून के तहत फांसी की सजा का प्रावधान है. इस व्यक्ति को शनिवार को तेहरान के दक्षिण में पवित्र शहर क़ोम में फांसी दी गई.
मुख्य न्यायाधीश के मुताबिक, संदिग्ध ने 2023 के आखिर में इजरायली खुफिया एजेंसियों से संपर्क करना शुरू किया था और ऑनलाइन माध्यमों से मोसाद को गोपनीय जानकारी भेजने के बाद जनवरी-फरवरी 2024 में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. इरना की रिपोर्ट के मुताबिक, संदिग्ध ने मोसाद के एक अधिकारी के साथ बैठकें करने और गोपनीय जानकारी साझा करने की बात कबूल की है.
इजरायली जासूस की हुई पहचान
टाइम्स ऑफ इज़राइल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में खुज़ेस्तान प्रांत में कथित आतंकवाद के आरोप में छह लोगों को फांसी दी गई थी और उससे एक हफ्ते से भी कम समय पहले, इजरायल के शीर्ष जासूसों में से एक बताए जा रहे एक व्यक्ति को फांसी दी गई थी. ईरान ने फांसी दिए गए व्यक्ति की पहचान बहमन चूबी-असल के रूप में की है, जिसका मामला ईरानी मीडिया रिपोर्टों या इस्लामिक गणराज्य में फांसी की निगरानी कर रहे कार्यकर्ताओं को तुरंत ज्ञात नहीं था. रूज़बेह वादी नाम के एक अन्य व्यक्ति को भी संघर्ष के दौरान मारे गए एक परमाणु वैज्ञानिक के बारे में कथित तौर पर जानकारी देने के इल्जाम में फांसी दी गई थी.
10 इजरायली जासूसों को दी जा चुकी है फांसी
गौरतलब है कि ईरान ने इजरायल के साथ जून में हुए युद्ध के बाद से जासूसी के आरोप में कम से कम दस लोगों को फांसी दी है. इस बीच, इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा है कि उसने कसम खाई है कि दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिस्तान और बलूचिस्तान में कई सुन्नी आदिवासी नेताओं की हत्या के पीछे जो लोग हैं, उन्हें जल्द से जल्द सजा दी जाएगी. इरना की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के सुरक्षा और सैन्य बल "निर्णायक जवाब" देंगे.