Iran News: ईरान ने बीते रोज कहा है कि वह अमेरिका के दबाव में आकर यूरेनियम इनरिचमेंट को नहीं रोकने वाला है. विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका अपने बयान से पलट रहा है. पूरी खबर पढ़ें.
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Iran News: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने बुधवार को कहा कि उनके देश के जरिए परमाणु प्रोग्राम के तहत यूरेनियम को समृद्ध (enrich) करना बिल्कुल तय है और इस पर कोई समझौता नहीं होगा. आसान भाषा में समझें तो ईरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम के लिए यूरेनियम का इस्तेमाल करना जारी रखेगा, चाहे अमेरिका कुछ भी कहे. यह बयान उस वक्त आया है जब अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ ने ईरान से यूरेनियम तैयार करने पर रोक की मांग की थी.
अराघची ने कैबिनेट बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, "ईरान इनरिचमेंट एक सच्चाई है, कबूल करने वाला मामला है. हम संभावित चिंताओं के जवाब में विश्वास बनाने के लिए तैयार हैं, लेकिन इनरिचमेंट का मुद्दा नॉन-नेगोशिएबल है. यह कमेंट ऐसे वक्त पर आया है जब अराघची और विटकॉफ शनिवार को ओमान में फिर से मिलने वाले हैं.
बता दें, ट्रम्प ने तेहरान के खिलाफ ज्यादा दबान की नीति के तहत कई तरह की रोक फिर से लागू कर दी हैं. मार्च के महीने में उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली ख़ामेनेई से बात करने की गुजारिश की थी और कहा था कि इसे न मानने पर मिलिट्री एक्शन होगा. इसके बाद शनिवार को मीटिंग हुई थी, जिसे दोनों मुल्कों ने कंस्ट्रक्टिव करार दिया था.
मंगलवार को विटकॉफ ने कहा था कि ईरान को यूरेनियम का इनरिचमेंट (यूरेनियम को इस तरह से शुद्ध और तैयार करना कि वह परमाणु रिएक्टर या परमाणु बम में इस्तेमाल लायक बन जाए) रोक देना चाहिए, ये न्यूक्लियर डील का हिस्सा है. उन्होंने पहले केवल यह मांग की थी कि ईरान और प्रमुख शक्तियों के बीच 2015 के समझौते के जरिए निर्धारित 3.67 लिमिट का पालन करे.
विदेश मंत्री ने की आलोचना
अराघची ने शनिवार की वार्ता से पहले ट्रम्प प्रशासन की ओर से सामने आए इस रुख की निंदा की है. उन्होंने कहा, "हम बातचीत सेशन के दौरान अमेरिकियों की वास्तविक राय का पता लगाएंगे." ईरान के टॉप डिप्लोमेट ने कहा कि उन्हें संभावित समझौते की रूपरेखा पर बातचीत शुरू करने की उम्मीद है, लेकिन इसके लिए अमेरिका की ओर से “रचनात्मक रुख” की जरूरत है.