Iran US Ceasefire Talks: ईरान ने साफ कर दिया कि इजरायल के लेबनान पर हमले जारी रहने तक वह अमेरिका के साथ इस्लामाबाद में होने वाली वार्ता में शामिल नहीं होगा. पाकिस्तान पहुंचने की खबरों को भी ईरान ने खारिज कर दिया है.
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Iran US Ceasefire Talks: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर वार्ता को लेकर एक बैठक पाकिस्तान में होनी तय है. अमेरिकी प्रतिनिधियों ने इस्लामाबाद जाने की अपनी सहमति जता दी है. लेकिन, ईरानी प्रतिनिधियों ने यह साफ कर दिया है कि जब तक इजरायल लेबनान पर अपने हमले जारी रखेगा, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी और इसी वजह से उन्होंने पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया है. इस बीच, ऐसी खबरें सामने आई थीं कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची और संसद के स्पीकर बाक़ेर ग़ालिबफ़ जैसी प्रमुख हस्तियां पहले ही पाकिस्तान पहुंच चुकी हैं. हालांकि, ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया में चल रही इन खबरों का खंडन किया है. प्रेस टीवी ने शुक्रवार को यह रिपोर्ट दी.
तसनीम न्यूज़ एजेंसी ने कहा कि न तो अराघची और न ही ग़ालिबफ़ ने देश छोड़ा है. वे अभी भी तेहरान में ही हैं और क्षेत्रीय घटनाक्रमों के बीच सक्रिय रूप से अपने राष्ट्रीय कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं. ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी ने तसनीम न्यूज़ का हवाला देते हुए सीनियर अधिकारियों के वाशिंगटन के साथ बातचीत के लिए इस्लामाबाद जाने के दावों और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को खारिज कर दिया. एक वरिष्ठ अधिकारी की टिप्पणियों का हवाला देते हुए सूत्रों ने तसनीम न्यूज़ को बताया कि जब तक लेबनान में इजरायली हमले बंद नहीं हो जाते और अमेरिका देश में सीजफायर के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पूरी नहीं कर लेता, तब तक बातचीत स्थगित रहेगी.
ईरानी मीडिया ने क्या किया दावा?
सूत्र ने तसनीम को बताया, "कुछ मीडिया आउटलेट्स की यह खबर कि एक ईरानी वार्ताकार टीम अमेरिकियों के साथ बातचीत करने के लिए इस्लामाबाद, पाकिस्तान पहुंची है, पूरी तरह से गलत है." प्रेस टीवी के अनुसार, ईरान की फ़ार्स न्यूज एजेंसी ने भी वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया और इस बात पर ज़ोर दिया कि ईरान की "अमेरिका के साथ शांति वार्ता में तब तक शामिल होने की कोई योजना नहीं है, जब तक लेबनान में संघर्ष विराम स्थापित नहीं हो जाता." एक सूत्र का हवाला देते हुए, फ़ार्स ने इस्लामाबाद जाने वाले किसी भी ईरानी वार्ताकार प्रतिनिधिमंडल के दावों का खंडन किया.
मीडिया को दी गई है बड़ी छूट
ईरान से आई इन रिपोर्टों के बावजूद पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत के लिए वहां आने वाले प्रतिनिधियों और पत्रकारों के लिए वीज़ा की शर्तों में छूट दे दी गई है. डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की राजधानी में 'रेड-अलर्ट' जारी है और सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है. यहां 10,000 पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है. खुद को मध्यस्थ बताने वाले पक्ष द्वारा की गई इन तैयारियों के बावजूद अभी तक इस बात पर कोई स्पष्टता नहीं है कि बातचीत आखिर कब होगी. इस बीच अमेरिका में इजरायल के दूत येचिएल लाइटर ने इजरायल पर की गई हालिया टिप्पणियों को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की कड़ी आलोचना की. उन्होंने पाकिस्तान को "मध्यस्थ" कहने के बजाय एक "समस्या" करार दिया. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "भले ही इससे आपको निराशा हो, लेकिन इज़रायल यहीं रहेगा. इस पर कोई बातचीत नहीं होगी."