Iran US Ceasefire: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर का ऐलान किया गया है. इस कदम से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच टकराव में अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है. पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Iran Israel Conflict: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच पिछले 40 दिनों से जारी जंग फिलहाल दो हफ़्तों के लिए खत्म हो गया है. ईरान ने भी इस सीजफायर के लिए अपनी सहमति दे दी है. इस बीच, इजरायल भी अपने हमले रोकने पर सहमत हो गया है. संघर्ष-विराम के संबंध में आगे की बातचीत दो हफ़्तों के भीतर होनी तय है. यह बातचीत पाकिस्तान में होगी. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी गई है. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "मैं दो हफ़्तों के लिए ईरान पर बमबारी और हमलों को रोकने पर सहमत हूं." साथ ही इसे एक व्यापक संघर्ष-विराम की दिशा में एक कदम बताया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि यह फ़ैसला पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ बातचीत के बाद लिया गया, जिन्होंने प्रस्तावित हमलों को टालने की अपील की थी. ट्रंप ने यह भी साफ किया कि यह रोक सशर्त है. ईरान को होर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलना होगा, एक ऐसा कदम जिसे उन्होंने तनाव कम करने के लिए ज़रूरी बताया.
ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा
ट्रंप ने आगे दावा किया कि उन्होंने अपने सैन्य उद्देश्य पहले ही हासिल कर लिए हैं और तेहरान के साथ बातचीत एक निर्णायक मोड़ के करीब पहुंच रही है. ट्रंप ने कहा, "हमने अपने सभी सैन्य उद्देश्य हासिल कर लिए हैं. दरअसल, हमने उनसे भी बढ़कर काम किया है और लंबे समय तक चलने वाली शांति के संबंध में एक ठोस समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है." साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी खुलासा किया है कि अमेरिका को ईरान की तरफ से 10 बिंदुओं का प्रस्ताव भी दिया गया है. जिसपर बातचीत चल रही है.
दो हफ्तों में बड़ा फैसला
ट्रंप के मुताबिक, ज्यादातर अहम मुद्दों पर पहले ही सहमति बन चुकी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह दो हफ़्ते का संघर्ष-विराम दोनों पक्षों को एक समझौते को अंतिम रूप देने का अवसर देगा और संकेत दिया कि यह लंबे समय से चला आ रहा संघर्ष अब समाधान के करीब पहुंच रहा हो सकता है.
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने यह सीजफायर उस समय घोषित किया, जब उनकी तय की हुई समय-सीमा खत्म होने वाली थी. इससे पहले उन्होंने कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर ईरान नहीं माना तो उसके खिलाफ बहुत बड़ा कदम उठाया जा सकता है. उनके बयान को कई लोगों ने बेहद गंभीर और खतरनाक माना, जिसकी अमेरिका के अंदर भी आलोचना हुई. लेकिन हालात अचानक बदले और अब सीजफायर की घोषणा से दुनिया को कुछ राहत मिली है. फिर भी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है. अब सबकी नजर पाकिस्तान में चल रही बातचीत पर है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच आगे क्या समझौता होता है, यह देखना बाकी है.