Iran Russia Relation: ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते को लेकर अप्रत्यक्ष वार्ता एक बार फिर शुरू हो गई है. ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची रूस का दौरा करेंगे, जबकि अगली बैठक 19 अप्रैल को ओमान में होगी.
Trending Photos
)
Iran Russia Relation: अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर दोबारा बातचीत की कोशिशें तेज हो गई हैं. ईरान के विदेश मंत्रालय ने 14 अप्रैल को जानकारी दी कि देश के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची इस हफ्ते के आखिर में रूस का दौरा करेंगे, जहां वे अमेरिका के साथ चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता (Indirect Talks) को लेकर हालात पर चर्चा करेंगे।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माईल बाघेई ने कहा कि ईरान 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) के सभी हस्ताक्षरकर्ता देशों के साथ संवाद बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने इसे "लाभकारी" बताया. रूस के विदेश मंत्रालय ने भी अराघची की यात्रा की तस्दीक की है.
ईरानी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
ईरानी विदेश मंत्रालय ने बताया कि अराघची और अमेरिका के मिडिल ईस्ट में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ ने 13 अप्रैल को ओमान की राजधानी मस्कट में पहली अप्रत्यक्ष बैठक की थी. यह बैठक करीब ढाई घंटे चली और इसे "रचनात्मक" बताया गया. इस दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उस पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों में राहत जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई. अब इस वार्ता का दूसरा दौर 19 अप्रैल को फिर से ओमान में ही आयोजित किया जाएगा. बातचीत की संरचना और मध्यस्थता में कोई बदलाव नहीं होगा.
परमाणु समझौता को लेकर ईरान के साथ हुआ था ये करार
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच 2015 में एक परमाणु समझौता हुआ था, जिसे JCPOA कहा जाता है लेकिन 2018 में अमेरिका इस समझौते से बाहर हो गया और फिर से ईरान पर प्रतिबंध लगा दिए. इसके बाद ईरान ने भी समझौते की कुछ शर्तों को मानना बंद कर दिया. अब दोनों देशों के बीच बातचीत फिर से शुरू हुई है, जिससे उम्मीद है कि पुराने परमाणु समझौते को फिर से जिंदा किया जा सकता है और क्षेत्रीय तनाव को कम किया जा सकता है.