Iran-US Talks: ईरान और अमेरिका के बीच मस्कट में हुई बातचीत के बाद, दोनों देशों ने परमाणु मुद्दे और प्रतिबंधों में राहत पर चर्चा की. अगली वार्ता 19 अप्रैल को होने वाली है.
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Iran-US Talks: ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय बाद एक बार फिर बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ है. 12 अप्रैल को दोनों देशों के बीच ओमान की राजधानी मस्कट में बातचीत हुई जो करीब ढाई घंटे तक चली. यह बातचीत इनडायरेक्ट थी. यानी दोनों पक्ष दो कमरों में बैठे थे और ओमान के प्रतिनिधि एक-दूसरे को अपना संदेश दे रहे थे. ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि बातचीत का माहौल शांत, सम्मानजनक और रचनात्मक था.
बातचीत के बाद एक बयान में बताया गया कि ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची और अमेरिका के मिडिल ईस्ट मामलों के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के बीच करीब ढाई घंटे की बातचीत हुई. यह बातचीत मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उस पर लगे प्रतिबंधों में राहत को लेकर थी. दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि वे अगले सप्ताह भी बातचीत जारी रखेंगे. जब बातचीत खत्म हुई और प्रतिनिधिमंडल बाहर निकले, तब ओमान के विदेश मंत्री की मौजूदगी में दोनों देशों के प्रमुखों ने कुछ मिनटों तक आपस में सीधे बात भी की.
दोनों के बीच क्या हुई बातचीत
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के बाद मस्कट में पत्रकारों को संबोधित करते हुए अराघची ने कहा कि वार्ता का पहला दौर "रचनात्मक था और एक शांत और बहुत सम्मानजनक माहौल में आयोजित किया गया था. किसी अनुचित भाषा का इस्तेमाल नहीं किया गया और दोनों पक्षों ने समान स्थिति से पारस्परिक रूप से अनुकूल समझौते की प्राप्ति तक वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की."
ईरानी मंत्री ने क्या कहा?
ईरानी मंत्री सईद अब्बास अराघची ने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का अगला दौर अगले शनिवार को होगा. हालांकि यह बातचीत मस्कट में न होकर किसी और जगह पर हो सकती है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने तय किया है कि अगली बार बातचीत में वे एक ऐसे सामान्य खाके पर काम करेंगे, जो किसी समझौते की दिशा में ले जाए. अराघची ने उम्मीद जताई कि अगले दौर में बातचीत का एजेंडा तय किया जाएगा और इसके लिए एक टाइम टेबल भी होगा. उन्होंने कहा कि कोशिश होगी कि अब असली और ठोस बातचीत की शुरुआत हो सके.
ट्रंप ने पहले लिखी थी चिट्ठी
यह बातचीत अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भेजे गए एक पत्र के बाद शुरू हुई, जो उन्होंने मार्च की शुरुआत में ईरानी नेताओं को यूएई के जरिए भेजा था. इसमें परमाणु मुद्दे पर बातचीत का प्रस्ताव था. ईरान ने पत्र मिलने की पुष्टि की और बातचीत के लिए दरवाज़ा खुला रखा.