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ईरान ने जताई अमेरिका से बातचीत की इच्छा, लेकिन दी नेशनल सिक्योरिटी पर सख्त चेतावनी

Iran Nuclear Deal: ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि ईरान अमेरिका के साथ एक शांतिपूर्ण परमाणु समझौता चाहता है, लेकिन अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा. उन्होंने वाशिंगटन पर विरोधाभासी संदेश भेजने का आरोप लगाया.

ईरान ने जताई अमेरिका से बातचीत की इच्छा, लेकिन दी नेशनल सिक्योरिटी पर सख्त चेतावनी

Iran Nuclear Deal: ईरान दशकों पुराने विवाद को सुलझाने के लिए अमेरिका के साथ एक 'शांतिपूर्ण' न्यूक्लियर डील करना चाहता है, लेकिन वह अपनी नेशनल सिक्योरिटी से कोई समझौता नहीं करेगा.डिप्टी विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने ये बात मंगलवार को कही. 2वें अबू धाबी स्ट्रेटेजिक डिबेट में खतीबजादेह ने कहा कि वाशिंगटन तीसरे देशों के जरिए तेहरान को न्यूक्लियर बातचीत के बारे में विरोधाभासी संदेश भेज रहा है.

रॉयटर्स के मुताबिक जून में ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन की लड़ाई से पहले दोनों देशों के बीच न्यूक्लियर बातचीत के पांच दौर हुए थे, जिसमें वाशिंगटन ने ईरान की अहम न्यूक्लियर साइट्स पर हमला करके हिस्सा लिया था. अमेरिका उसके यूरोपीय सहयोगी और इजरायल तेहरान पर आरोप लगाते हैं कि वह अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम का इस्तेमाल हथियार बनाने की क्षमता हासिल करने की कोशिशों को छिपाने के लिए कर रहा है. ईरान का कहना है कि उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम का मकसद शांति है.

अक्टूबर में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि जब तेहरान तैयार होगा तो अमेरिका ईरान के साथ डील करने के लिए तैयार है और "(ईरान के साथ) दोस्ती और सहयोग का हाथ खुला है." तेहरान के नजरिए को दोहराते हुए, खतीबजादेह ने वाशिंगटन पर "डिप्लोमेसी से धोखा देने" का भी आरोप लगाया और कहा कि जून की लड़ाई के बाद से न्यूक्लियर बातचीत रुक गई है.

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दोनों पक्षों के बीच अभी भी बड़े मतभेद हैं, जैसे कि ईरानी जमीन पर यूरेनियम संवर्धन का मुद्दा, जिस पर अमेरिका की नजर है क्योंकि वह मानता है कि इसका इस्तेमाल हथियार बनाने के लिए होगा. हालांकि, तेहरान इसे खारिज करता रहा है. पिछले हफ्ते, ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत से इनकार कर दिया था. खतीबजादेह ने कहा, "तेहरान न्यूक्लियर बम नहीं चाहता है और इसके बारे में दुनिया को भरोसा दिलाने के लिए तैयार है. हमें अपने देश में बने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बहुत गर्व है."

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