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Iran Israel War: पिछले जून के महिने में ईरान और इजरायल के बीच हुई 12-दिवसीय युद्ध (12-Day war) ने पूरी दुनिया में ईरान को एक मजबूत शक्ति के रूप में पेश की है. दोनों मुल्कों के बीच एक बार फिर जंग जैसे हालात बन रहे हैं. ईरान ने खुला ऐलान कर दिया है कि किसी भी वक्त जंग छिड़ सकती है! साथ ही ईरान ने 12 दिनों तक चली जंग के बाद अनौपचारिक सीजफायर को एक अस्थायी विराम बताया है, जो कभी भी जंग में बदल सकता है.
दरअसल, ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरेफ़ ने इजरायल के साथ कभी भी जंग छिड़ने की बात कही है. उन्होंने सोमवार (18 अगस्त) को एक बयान में कहा कि "हमें हर वक्त टकराव के लिए तैयार रहना चाहिए, उन्होंने कहा कि अभी तो हम सीजफायर समझौते पर भी नहीं हैं. बता दें कि अमेरिका ने पिछले 24 जून को इजरायल और ईरान के बीच सीजफायर का ऐलान किया था. हालांकि ईरान इसे सीजफायर नहीं बल्कि, अस्थायी विरमा मानता है.
इसके साथ ही बीते रविवार को ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के सैन्य सलाहकार याह्या रहीम सफवी ने ईरानी मीडिया को बताया कि ईरान सबसे खराब स्थिति के लिए प्लानिंग कर रहा है. उन्होंने कहा कि ईरान अभी जंग के दौर में है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ अमेरिका या इजरायल का समझौता नहीं है. ईरान के सैन्य अधिकारियों और नेताओं की तरफ से इजरायल के खिलाफ कभी भी जंग करने की के लिए तैयार रहने की बात से दोनों देशों के बीच एक बार फिर जंग के बादल मंडराने लगे हैं.
बता दें कि पिछले जून के महीने में इजरायल ने ईरान पर उकसावे वाली कार्रवाई करते हुए हमला बोल दिया और ईरान के परमाणु केंद्रों पर बमबारी और कई वैज्ञानिकों की हत्या कर दी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने ईरान की मिलिट्री ठिकानों और रिहायशी इलाकों पर भी बमबारी की, जिसमें ईरान के वरिष्ठ कमांडरों और परमाणु वैज्ञानिकों समेत लगभग 1,000 लोग मारे गए. इजरायली हमले के जवाब में ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइलों और ड्रोन से सफलतापूर्वक हमला कर दुनिया चौंका दिया. इन हमलों में इजरायल के दर्जनों नागरिक मारे गए.