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Gaza Humanitarian Crisis: जब दुनिया युद्ध में फंसी आबादी के लिए राहत भेज रही हो और कोई जुल्म करने वाला देश उस राहत को जानबूझकर रोक दे तो ये सिर्फ बेरहमी नहीं बल्कि इंसानियत के मुंह पर तमाचा है. कुछ ऐसा ही कर रहा है इजरायल, जो गाजा पट्टी की नाकेबंदी करके भूख और तबाही की एक सोची-समझी साजिश कर रहा है. अपनी इस साजिश में इजराइल काफी हद तक कामयाब भी रहा है.
कतरी चैनल अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय ने खुलासा किया है कि 22,000 से अधिक राहत सामग्री से भरे ट्रक गाजा में प्रवेश के इंतजार में बॉर्डर पर खड़े हैं. इन ट्रकों में ज्यादातर संयुक्त राष्ट्र, अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं और मानवाधिकार संगठनों की ओर से भेजी गई आपातकालीन सहायता है.
गाजा मीडिया ऑफिस का आरोप है कि इजरायली सेना जानबूझकर इन ट्रकों को रोक रही है, ताकि गाजा में बेगुनाव फिलिस्तीनियों को भूख, कुपोषण और अराजकता की आग में झोंका जा सके. उन्होंने यहूदी सेना की इस हरकत को भूख की साजिश, इंसानियत के खिलाफ जंग और इंटरनेशनल कानूनों की धज्जियां उड़ाना करार दिया है.
गाजा ने एक बयान जारी कर बताया कि "इजरायल की यह नीतियां एक मंसूबे के तहत 'भूख की जंग' के जरिये फिलिस्तीनियों के नरसंहार की ओर इशारा करती है, जिसमें मदद को रोककर एक पूरी आबादी को सजा दी जा रही है. यह सिर्फ नाकेबंदी नहीं, बल्कि एक जंगी जुर्म है."
गाजा प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और उन सरकारों की भी आलोचना की है, जो इजराइली जुल्म के खिलाफ या तो चुप हैं या इस साजिश में शामिल हैं. बयान में चेतावनी दी गई है कि अगर समय रहते राहत ट्रकों को बिना शर्त गाजा में घुसने नहीं दिया गया, तो हालात और भी भयावह हो जाएंगे.
बता दें, सोमवार (4 अगस्त) को भूख और कुपोषण से 56 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. जिसके बाद भूख से मरने वालों की संख्या 175 हो गई, जिसमें 93 बच्चे शामिल हैं. बीते दिनों गाजा में मानवीय मदद के लिए इजराइल ने सिर्फ 36 ट्रकों को ही घुसने की इजाजत दी थी, जबकि यूएन 500 से 600 ट्रक राहत सामग्री भेजी है.
इजराइल 7 अक्टूबर 2023 से लगातार गाजा में बेगुनाह फिलिस्तीनियों का नरसंहार कर रहा है. इजराइली हमले मे अब तक 60 हजार 839 फिलिस्तीनियों की मौत हो चुकी है, जिसमें ज्यादातर बच्चे, औरतें और बुजुर्ग शामिल हैं. इन हमलों में 1 लाख 49 हजार 588 लोग गंभीर रुप से घायल हुए हैं, जबकि 11 हजार लोग लापता हैं.