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Israel Yemen Attack: गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायल ने 6 मुस्लिम देशों पर हमला किया है. पहली बार कतर पर इजरायल ने हमास के नेताओं को निशाना बनाकर हमला किया. इस हमले की वजह से मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर हैं. इस बीच IDF ने यमन के हूती विद्रोहियों के ठिकानों को निशाना बनाया है. यमन में मौजूद होदे्दा पोर्ट भीषण बमबारी की है. बमबारी से पहले इजरायल ने लोगों को जगह खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया था.
इजरायली फौज ने इस हमले की जानकारी एक्स पर दी है. IDF ने एक्स पर लिखा, यमन के होदेदा बंदरगाह पर हूती समूह का एक सैन्य ठिकाना है. माना जाता है कि इस बंदरगाह का इस्तेमाल ईरान से मिलने वाले हथियारों को इकट्ठा करने और उन्हें इज़रायल और उसके सहयोगियों पर हमले के लिए भेजने में किया जाता है. हूती लड़ाकों द्वारा इज़रायल और उसके नागरिकों पर बार-बार हमले किए जाने के जवाब में इजरायली सेना यमन में उनके सैन्य ठिकानों पर लगातार हमले कर रही है.
A Houthi military infrastructure site at the Hudaydah Port in Yemen.
The port is used for the transfer of weapons supplied by the Iranian regime, in order to execute attacks against Israel and its allies.
The IDF continues to strike military targets in Yemen in… pic.twitter.com/Jec372Ez0O
— Israel Defense Forces (@IDF) September 16, 2025
इससे पहले भी हो चुका है हमला
यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब कुछ दिन पहले ही इजरायल ने यमन में भारी हवाई हमले किए थे. 10 सितंबर को हुए इन हमलों में कम से कम 46 लोग मारे गए और 160 से ज़्यादा घायल हुए. हूती-नियंत्रित स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़, राजधानी सना में सबसे ज़्यादा तबाही हुई, जहां सैन्य ठिकानों के साथ-साथ एक फ्यूल स्टेशन को भी निशाना बनाया गया. हूती-संचालित टीवी चैनल अल-मसीरा ने रिपोर्ट दी थी कि इन हमलों से आसपास के घर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए. 30 अगस्त को भी इजरायल ने हूती संगठन पर भीषण हवाई हमला किया था.
हमले से पहले इजरायली फौज ने दी चेतावनी
इससे पहले IDF के प्रवक्ता कर्नल अविचाय अड्रई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट कर कहा, “यमन के होडैदा पोर्ट पर मौजूद सभी लोगों के लिए तात्कालिक चेतावनी. रक्षा सेना आने वाले घंटों में यहां सैन्य कार्रवाई करेगी. यह कदम वहां के आतंकी हूती शासन की गतिविधियों के चलते उठाया जा रहा है. जो लोग पोर्ट और वहां खड़े जहाज़ों पर मौजूद हैं, वे फौरन यह इलाका छोड़ दें, वरना अपनी जान जोखिम में डालेंगे.”