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Israel Economic condition: ईरान और इजराइल की जंग के बाद दोनों देशों को भारी नुकसान हुआ. हालांकि, लोगों का मानना था कि इजराइल का इस जंग में नुकसान काफी कम होगा, लेकिन अंदेशा बिलकुल गलत निकला. यहूदी मुल्क की कुछ ही दिनों में ऐसी हालत हो गई कि इस जंग को रुकवाने की मांग करने लगा. हाल ही में एक रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है. जिसमें साफ तौर पर बताया गया है कि इजराइल को ईरान से जंग के दौरान कितना मआशी (Economically) नुकसान उठाना पड़ा.
हाल ही में इज़राइली मीडिया की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है ईरान की जंग के बाद देश की जीडीपी में तेज गिरावट दर्ज की गई है और आर्थिक विकास पूरे साल पीछे चला गया है. इज़राइल के बिज़नेस और इकोनॉमिक्स अख़बार 'कैलकालिस्ट' ने सोमवार को लिखा कि जंग के असर से 2025 की दूसरी तिमाही में इज़राइली अर्थव्यवस्था में 3.5% की गिरावट आई है. जबकि सालाना जनसंख्या वृद्धि लगभग 2% है, इस कारण प्रति व्यक्ति उत्पादन भी 4.4% घट गया.
रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज़्यादा नुकसान बिज़नेस सेक्टर को हुआ है, जहां प्रोडक्शन 7% गिरा है. यह गिरावट समग्र आर्थिक मंदी से लगभग दोगुनी है. यही वजह है कि एक्सपर्ट इसे बेहद चिंताजनक मान रहे हैं.
अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्था जे.पी. मॉर्गन ने शुरुआत में इज़राइल की अर्थव्यवस्था में केवल 0.5% गिरावट का अनुमान लगाया था और पूरे 2025 में 2.6% के इज़ाफे का अनुमान था. लेकिन अब हालात को देखते हुए यह अनुमान बदल सकता है.
रिपोर्ट बताती है कि इज़राइली अर्थव्यवस्था पहले से ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू द्वारा गाज़ा पर शुरू किए गई जंग की वजह से कमजोर हो चुकी थी, वहीं, ईरान के खिलाफ बिना उकसावे के शुरू की गई इस जंग ने इज़राइल को करीब 6 अरब डॉलर का नुकसान पहुंचाया है.
आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लगातार दो तिमाहियों तक जीडीपी में गिरावट दर्ज हुई, तो इज़राइल आधिकारिक तौर पर मंदी (Recession) में चला जाएगा. इससे लोगों के जीवन स्तर पर असर पड़ेगा और आर्थिक सुधार में और देर होगी. कैलकालिस्ट की रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इज़राइल की अर्थव्यवस्था आयात पर अत्यधिक निर्भर है. ऐसे में अगर यूरोप या अन्य देशों से व्यापार समझौते रद्द हुए या प्रतिबंध लगाए गए, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं.