Israel Travel Advisory: गाजा और ईरान के हजारों बेगुनाहों का खून बहाने के बाद इजराइल के खिलाफ पूरी दुनिया में विरोध हो रहा है. गाजा की भूखमरी और कुपोषण की तस्वीरें सामने आने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और इजराइल में ही नेतन्याहू के खिलाफ विरोध हो रहा है. आलम यह है कि इजराइल को अब डर सताने लगा है, जिसके बाद उसने अपने नागरिकों के लिए ट्रॉवेल एडवाइजरी जारी की है.
Trending Photos
)
Israel Travel Advisory for UAE: इजराइल ने एक बार फिर अपने नागरिकों को अलर्ट कर दिया है, खासतौर पर उन लोगों को जो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहे हैं या वहां जाने की योजना बना रहे हैं. गुरुवार को इजराइल की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (NSC) ने UAE के लिए पहले से जारी यात्रा चेतावनी को और मजबूत कर दिया है. यहूदी सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, मौजूदा हालात को देखते हुए खतरा पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गया है.
इजराइली राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि यह फैसला खुफिया सूचनाओं और मौजूदा सुरक्षा हालात के मद्देनजर लिया गया है. परिषद का मानना है कि इस समय ईरान, हमास, हिजबुल्लाह और दूसरे आतंकवादी संगठन इजराइल के खिलाफ ज्यादा आक्रामक रणनीति अपना रहे हैं. ये संगठन विदेशों में मौजूद इजराइली नागरिकों को भी निशाना बना सकते हैं.
NSC का यह भी कहना है कि हाल ही में चलाए गए सैन्य अभियान 'राइजिंग लायन' की वजह से इन आतंकी संगठनों में बदले की भावना बढ़ गई है. साथ ही गाजा में हमास के जरिये चलाए जा रहे 'भूख अभियान' और 'आयरन स्वोर्ड्स' जंग के बाद से इजराइल के खिलाफ नफरत फैल गई है. इस बढ़ती उग्रता ने इजराइली नागरिकों की सुरक्षा को और अधिक संवेदनशील बना दिया है.
नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने यह भी साफ किया है कि UAE पहले से ही उनके यात्रा चेतावनी सूची में 'ग्रेड-3' में शामिल है. इसका मतलब है कि वहां गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. अब जब खतरे की आशंका और ज्यादा हो गई है, तो NSC ने इजराइली नागरिकों से अपील की है कि वे UAE की यात्रा करने से पहले गंभीरता से विचार करें.
दरअसल, इजराइल ने 13 जून 2025 को अचानक ईरान पर हवाई हमला कर दिया था. इजराइल के इस हमले में ईरान के कई सीनियर आर्मी कमांडर, साइंटिस्ट और आम लोग मारे गए थे. नेतन्याहू सरकार ने दावा किया था कि इस हमले का ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना है. इसके जवाब में ईरान ने भी राकेट से पलटवार किया, जिसके बाद अपने वजूद के बाद पहली इजराइल में भारी तबाही हुई. इजराइली हमलों का शांति पसंद देशों ने पुरोजोर विरोध किया था.
अमेरिका समर्थित इजराइली हमले में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं (HRANA) के मुताबिक, 28 जून 2025 तक इजराइली हमलों में 1,190 लोग मारे गए, जिसमें 435 सैनिक, 436 नागरिक और 319 अज्ञात शामिल हैं. वहीं, ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय ने 4,000 से ज्यादा घायलों की बात कही है. दूसरी ओर, अमेस्टी इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक, 16 जून 2025 तक कम से कम 224 लोग मारे गए, जिसमें 74 महिलाएं और बच्चे शामिल थे. ईरानी सरकारी प्रवक्ता ने भी इसी दौरान 224 लोगों के मौत की पुष्टि की थी.
इतना ही नहीं 7 अक्टूबर 2023 इजराइल लगातार बेगुनाह फिलिस्तीनियों का नरसंहार कर रहा है. इजराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) के हमलों में 60,332 फिलिस्तीनी नागरिक मारे गए हैं, जबकि 1 लाख 47 हजार 643 लोग घायल और 11 हजार लोग लापता है. इजराइली सेना की नाकाबंदी की वजह से गाजा में मजलूमों तक मानवीय सहायता नहीं पहुंच पा रही है, जिसकी वजह से वहां भुखमरी और कुपोषण फैल गया है. यूएन समेत कई संगठनों ने इसको लेकर दुनिया को आगाह किया.
आलम यह है कि गाजा में भूख और कुपोषण से हालात बेहद गंभीर हो चुके हैं. गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, जुलाई 2025 तक 127 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 85 बच्चे शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक यह आंकड़ा 154 तक हो सकता है. कुछ रिपोर्ट्स में सहायता वितरण के दौरान हुई गोलीबारी में 1,000 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा भी किया गया है.