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West Bank News: गाजा और वेस्ट बैंक में जबरदस्त बमबारी और गोलाबारी के बाद इजरायल ने एक बार फिर एक नापाक हरकत किया है. इजरायल ने कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में 19 नई बस्तियों को कानूनी मान्यता देने का फैसला किया है. यह फैसला नेतन्याहू की कैबिनेट ने लिया है.
दरअसल, इजरायल ने वेस्ट बैंक के कई हिस्सों पर कब्ज़ा कर लिया है और वहां यहूदियों को बसा रहा है. UN और कई देशों ने इजरायल के नापाक हरकत की आलोचना की है. हालांकि, इजरायल पीछे नहीं हट रहा है और वेस्ट बैंक में और ज़्यादा इलाके पर कब्ज़ा करना जारी रखे हुए है. इन्हीं में से 19 नई बस्तियों को कानूनी मान्यता देने जा रहा है.
यह प्रस्ताव धुर-दक्षिणपंथी नेता और वित्त मंत्री बेज़लेल स्मोट्रिच ने रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ के साथ मिलकर पेश किया था. स्मोट्रिच ने कहा कि इस फैसले का मकसद फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना को रोकना है. बेज़लेल स्मोट्रिच खुद एक सेटलर हैं. कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में इज़राइली बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध माना जाता है.
इजरायल के इस फैसले से भड़का सऊदी
सऊदी अरब ने इस कदम की निंदा की है. संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि इज़राइल द्वारा बस्तियों का लगातार विस्तार तनाव बढ़ा रहा है, फिलिस्तीनियों की अपनी ज़मीन तक पहुंच को सीमित कर रहा है और एक संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य की संभावना को खतरे में डाल रहा है.
गाजा युद्ध के बाद वेस्ट बैंक हिंसा का दौर जारी
वहीं, अक्टूबर 2023 में गाजा में युद्ध शुरू होने के बाद से कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में हिंसा बढ़ गई है. इससे यह चिंता बढ़ गई है कि बस्तियों का विस्तार इजरायल के कब्ज़े को और मज़बूत कर सकता है और दो-राज्य समाधान को कमज़ोर कर सकता है. इससे पहले मई में इज़रायल ने कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक में 22 नई बस्तियों को मंज़ूरी दी थी, जिसे दशकों में सबसे बड़ा विस्तार माना गया था.