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Yemen Airstrike: यमन की राजधानी सना में इजरायल ने 28 अगस्त को जोरदार हवाई हमले किए. इन हमलों में हूती विद्रोहियों के कई अहम ठिकाने और नेताओं को निशाना बनाया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयरस्ट्राइक में हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की मौत हो गई है. इसके अलावा हूती रक्षा मंत्री मोहम्मद अल-अती और चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद अब्द अल-करीम अल-घमारी को भी निशाना बनाया गया, जिनके मारे जाने की आशंका जताई जा रही है.
दरअसल, इन हमलों से पहले हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन अटैक किया था. इस हमले के बाद ही इजरायली सेना (IDF) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए यमन की राजधानी पर बमबारी की. IDF ने बयान जारी कर कहा कि हमने हूती लड़ाकों के सैन्य ठिकानों और राष्ट्रपति भवन को निशाना बनाया है.
यमन में भारी तबाही
यमन के स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, इस एयरस्ट्राइक में अब तक कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 90 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है. राजधानी सना में चारों ओर अफरा-तफरी का माहौल है और राहत-बचाव टीमें लगातार मलबा हटाने और लोगों को अस्पताल पहुंचाने में जुटी हैं.
इजराइल ने दी चेतावनी
इजरायल के विदेश मंत्री ने इस हमले को लेकर कहा कि जो भी इजरायल के खिलाफ हथियार उठाएगा, उसे सजा जरूर मिलेगी. हमने हूतियों को पहले ही चेतावनी दी थी कि बुरे काम का बुरा अंजाम होगा. इजराइल ने साफ किया है कि वह अपनी सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा. एक सीनियर इजरायली सैन्य अधिकारी ने कहा कि हमने सही समय पर सटीक जानकारी के आधार पर यह हमला किया. अधिकारी ने बताया कि इस कार्रवाई में हूती विद्रोहियों के कई बड़े नेताओं को टारगेट किया गया. इजराइल का दावा है कि इससे हूतियों की ताकत कमजोर होगी और वे भविष्य में ऐसे हमले करने से बचेंगे.