Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam2679524

Jaffar Express ऑपरेशन हुआ पूरा, 33 आतंकी ढेर; 10 प्वाइंट्स में जाने पूरे हाइजैक की कहनी

Jaffar Express Hijack: जाफर एक्सप्रेस को हाइजैक कर लिया गया था, अब पाकिस्तान सेना ने 33 आतंकियों को मारकर इस ऑपरेशन को पूरा कर लिया है. पूरी खबर पढ़ें.

Jaffar Express ऑपरेशन हुआ पूरा, 33 आतंकी ढेर; 10 प्वाइंट्स में जाने पूरे हाइजैक की कहनी

Jaffar Express Hijack: जाफर एक्सप्रेस ऑपरेशन पूरा हो गया है. पाकिस्तान आर्मी ने 33 आतंकियों को ढेर कर दिया है. इस बात की जानकारी पाकिस्तान आर्मी मीडिया विंग ने दी है. इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन डायरेक्टर लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने दुनिया न्यूज से बताया कि जाफर एक्सप्रेस में 440 मुसाफिर मौजूद थे. चलिए 10 प्लाइंट्स में जानें जाफर एक्सप्रेस ऑपरेशन की पूरी कहानी.

- 11 मार्च को बोलन में आतंकवादियों ने दोपहर करीब एक बजे रेल पटरी को निशाना बनाया और उसे उड़ाकर ट्रेन को हाइजैक कर लिया गया. यह ट्रेन क्वेटा से पेशावर जा रही थी.

- इस हाइजैक की जिम्मेदारी बीएलए बलोच लिब्रेशन आर्मी ने ली, जिसे पाक सरकार के जरिए बैन किया गया है.

Add Zee News as a Preferred Source

- बीएलए ने हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि उन्होंने 200 से ज़्यादा लोगों को बंधक बना रखा है, जिनमें ज़्यादातर सुरक्षा और खुफिया कर्मी हैं.

- लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि जिस इलाके में यह घटना घटी, वहां पहुंचना काफी मुश्किल था. क्योंकि यह सड़क के काफी दूर था.

- उन्होंने कहा कि सेना, वायु सेना, फ्रंटियर कोर और स्पेशल सर्विस ग्रुप के कर्मियों ने ऑपरेशन में हिस्सा लिया और बंधकों को रिहा कराया.

- उन्होंने बताया सेना के लिए बड़ा चैलेंज था, क्योंकि आतंकी बच्चों और औरतों को शील्ड के तौर पर इस्तेमाल कर रहे थे.

- इस आतंकवादी ऑपरेशन के दौरान सैटेलाइट फोन के जरिए अफगानिस्तान में अपने समर्थकों और मास्टरमाइंडों के संपर्क में थे. बीते रोज 100 मुसाफिरों को छुड़ाया गया था.

- वॉयस ऑफ़ अमेरिका (VOA) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में ट्रेन ड्राइवर की मौत हो गई और कम से कम 37 लोग घायल हो गए, जिनका अभी अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

- सेना ने कहा सभी 33 आतंकियों को निपटा दिया गया है. रेलवे पिकेट पर तैनात तीन एफसी कर्मियों की मौत हो गई है, जबकि मंगलवार को ऑपरेशन के दौरान एक एफसी सैनिक की मौत हुई थी.

- रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना ने ऑपरेशन में देरी इसलिए भी की क्योंकि मुसाफिरों के पास सुसाइड बॉम्बर्स भी बैठे थे.

About the Author
author img
Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

TAGS

Trending news