Jammu and Kashmir News: जम्मू और कश्मीर में मीरवाइज उमर फारूक ने प्रशासन पर उन्हें नज़रबंद करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि उन्हें घर में बंद कर दिया गया है. पूरी खबर पढ़ने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Jammu and Kashmir News: जम्मू और कश्मीर के नेता मीरवाइज उमर फ़ारूक कथित नजरबंदी के कारण जामिया मस्जिद में जुमे की नमाज अदा नहीं कर पाए. उन्होंने इस पर सरकार की आलोचना की है. मीरवाइज उमर फारूक ने एक्स पर कुछ पुलिस अधिकारियों की एक तस्वीर शेयर की. उन्होंने लिखा कि यह एक और शुक्रवार था और एक बार फिर अधिकारियों ने उन्हें जामा मस्जिद जाने की इजाजत नहीं दी. उन्होंने कहा कि यह बहुत दुख की बात है कि वह इस असामान्य रूप से सूखी सर्दी में बारिश और बर्फ़बारी के लिए नमाज नहीं पढ़ा सके. उन्होंने आगे कहा कि उनकी दुआएं ही उनकी ताकत हैं और अल्लाह उन्हें कुबूल करे.
इससे पहले, मीरवाइज ने दावा किया था कि जम्मू और कश्मीर प्रशासन ने उन्हें नजरबंद कर दिया है. उन्होंने दोहराया कि वह जम्मू और कश्मीर के लोगों के प्रति जवाबदेह हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा कश्मीर मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत का समर्थन किया है और कभी किसी से समझौता नहीं किया. उन्होंने कहा, "जब मेरे पिता की हत्या हुई थी, तब मैं नाबालिग था और मुझे बहुत कम उम्र में धार्मिक और सामाजिक ज़िम्मेदारियां उठानी पड़ीं."
एक्स पर लिखी थी ये बात
इससे पहले 2 जनवरी को मीरवाइज उमर फारूक ने एक्स पर एक बयान जारी किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि जिस दिन उन्हें जामा मस्जिद में नमाज के दौरान लोगों को संबोधित करना चाहिए था, उस दिन उन्हें सोशल मीडिया के जरिए अपने विचार व्यक्त करने के लिए मजबूर होना पड़ा क्योंकि उन्हें एक बार फिर नज़रबंद कर दिया गया था.
पहलगाम हमले का किया जिक्र
मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि हालांकि साल 2026 उम्मीद के साथ शुरू हो रहा है, लेकिन 2025 की दर्दनाक यादें अभी भी लोगों के दिमाग में ताजा हैं. पिछला साल त्रासदी और अनिश्चितता से भरा था. पहलगाम में हुए भयानक हमले ने पूरे कश्मीर को हिला दिया. घाटी में समाज के सभी वर्गों ने एक साथ हमले की निंदा की, लेकिन इसके बाद आम जनता में गहरा डर और चिंता फैल गई. कई जगहों पर लोगों को निशाना बनाया गया और उनके घरों में तोड़फोड़ की गई.
इनपुट-IANS