Afghanistan Pakistan Trades Routes: अफगानिस्तान के पक्तिया प्रांत में स्थित डंड पटान के खारलाची सीमा मार्ग को सात महीने बाद व्यापार के लिए दोबारा खोल दिया गया है. इस अवसर पर व्यापारियों और पक्तिया चैंबर ऑफ कॉमर्स ने पाकिस्तान से अपील की है कि वह इस मार्ग पर बार-बार रुकावटें न डाले और सभी मुद्दों का समाधान बातचीत के जरिये करे.
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Afghanistan News Today: अफगानिस्तान के पक्तिया प्रांत में स्थित डंड पटान के खारलाची सीमा मार्ग को करीब सात महीने बाद एक बार फिर व्यापार के लिए खोल दिया गया है. इस मौके पर पक्तिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इन्वेस्टमेंट के प्रमुख हसीबुल्लाह गर्दीजी और कई स्थानीय व्यापारियों ने पाकिस्तान से खास अपील की है, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान से व्यापार मार्गों पर बार-बार होने वाली रुकावटों को रोकने और सभी मुद्दों का बातचीत के जरिये हल निकालने की मांग की है.
पक्तिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इन्वेस्टमेंट के प्रमुख हसीबुल्लाह गर्दीजी ने कहा, "डंड पटान में खारलाची मार्ग कल व्यापार के लिए फिर से खोल दिया गया है. हम पाकिस्तान से अपील करते हैं कि वह इस मार्ग पर बिना वजह रुकावटें न डाले." उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार अक्सर अधूरी बातचीत के आधार पर रास्ता बंद कर देती है, जिससे व्यापार में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसलिए कोई रुकावट न हो तो बेहतर है.
इस बीच कई व्यापारियों ने खारलाची क्रॉसिंग पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है. पक्तिया के व्यापारी ख्वाजाउद्दीन कालीवाल ने कहा, "दूसरे रास्तों की तुलना में डंड पटान मार्ग छोटा और किफायती है. यह रास्ता खुला रहना चाहिए. ड्राइवर भी खुश हैं कि इस रास्ते में कोई बाधा नहीं है."
एक अन्य व्यापारी महबूबुल्लाह मोहम्मदी ने कहा, "डंड पटान मार्ग अफगानिस्तान की आर्थिक प्रगति के लिए अहम है, लेकिन पाकिस्तान बार-बार इसमें रुकावट डालता है." उन्होंने आगे कहा, "अफगान सरकार को वैकल्पिक मार्गों जैसे वाखान कॉरिडोर पर व्यापारिक सुविधाएं देनी चाहिए, जो हमें भारत और चीन के बाजारों से जोड़ता है और आर्थिक विकास में बड़ी भूमिका निभा सकता है."
गौरतलब है कि खारलाची के अलावा पाकिस्तान ने तोरखम और गुलाम खान रास्तों को आवाजाही और व्यापार के लिए बंद कर दिया था. हालांकि, हालिया आपसी समझौते के बाद तोरखम क्रॉसिंग को लगभग एक महीने बाद फिर से खोल दिया गया है. व्यापारियों और ट्रांसपोर्टर्स की आम राय है कि स्थिर और बिना रुकावट वाले ट्रेड्स रुट्स अफगानिस्तान और पाकिस्तान दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है.
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