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Pakistan Afghanistan Ceasefire: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रही जंग खत्म हो गई है. इस जंग को रुकवाने के लिए और दोनों देशों में समझौता करवाने के लिए तुर्की और कतर ने मध्यस्थता की. सीजफायर के बाद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बड़ी बात कह दी है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच घुसपैठ रोकने को लेकर सहमति बनी है. उन्होंने आगे कहा कि अगर अफगानिस्तान की तरफ से घुसपैठ हुई तो यह सीजफायर का उल्लंघन होगा.
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मुल्ला मोहम्मद याकूब ने कतर में हुई इस बैठक में हिस्सा लिया. दोनों देशों के बीच शांति बहाल करने पर सहमति बनी है. पाकिस्तान ने यह आरोप लगाया कि दहशतगर्द तनजीम तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान (TTP) अफगानिस्तान के मौजूदा हुकूमत के साथ मिलकर काम कर रही है. इस आरोप को अफगानिस्तान ने खारिज कर दिया.
वहीं, अफगानिस्तान ने पाकिस्तानी सेना के प्रचार विंग ISPR पर आरोप लगाते हुए कहा कि ISPR अफगानिस्तान की मौजूदा सरकार पर ISIS और ISPL जैसे आतंकी संगठनों को पनाह देने का झूठा आरोप लगाता है ताकि अफगानिस्तान की स्थिरता और संप्रभुता को कमजोर किया जा सके.
अफगानिस्तान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि दोनों देशों के बीच सीजफायर एग्रीमेंट की शर्तों के तहत यह तय हुआ है कि कोई भी देश दूसरे के खिलाफ कोई दुश्मनी भरा एक्शन नहीं लेगा, न ही वे पाकिस्तान सरकार के खिलाफ हमले करने वाले ग्रुप्स को सपोर्ट करेंगे. मुजाहिद ने कहा कि दोनों देश एक-दूसरे के सिक्योरिटी फोर्स, सिविलियन या ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करने से बचने पर सहमत हुए हैं.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर अगले दौर की बातचीत 25 अक्टूबर को इस्तांबुल में होनी है ताकि समझौते को लागू करने का तरीका बनाया जा सके. गौरतलब है कि TTP के आतंकवादी पाकिस्तान में आए दिन हमले करते हैं और पाकिस्तानी सेना के साथ-साथ वहां के आम लोग भी मारे जाते हैं. पाकिस्तान ने इस संगठन को काबू करने के लिए अफगानिस्तान से आग्रह किया, लेकिन अफगानिस्तान ने इस पर कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबूल समेत कई इलाकों में बमबारी की. पाकिस्तान ने कहा कि वह TTP के आतंकियों और उसके ठिकानों को निशाना बना रहा है.