Pakistan New Chief Justice: सैयद मंसूर अली शाह ने पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के 36वें चीफ जस्टिस बने. उनका कार्यकाल सिर्फ तीन का होगा. हालांकि, उनके चीफ जस्टिस बनने की परिस्थितियां और राजधानी के बाहर शपथ लेने के वजह से चर्चा का विषय बन गए हैं.
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Pakistan News Today: पड़ोसी देश पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के सीनियर जज जस्टिस सैयद मंसूर अली शाह ने कार्यवाहक चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ ली है. उन्हें सिर्फ तीन दिनों के लिए देश का मुख्य चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है. यह घटनाक्रम आमतौर पर एक सादा समारोह में मामूली रस्मी प्रकिया होती है, लेकिन इस बार दो खास वजहों से यह काफी चर्चा में आ गया है।
पाकिस्तान में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में जस्टिस मंसूर अली शाह की नियुक्ति की चर्चा की पहली वजह यह है कि शपथ ग्रहण समारोह बकरीद की छुट्टी यानी एक सार्वजनिक अवकाश के दिन आयोजित किया गया. आमौतर पर ऐसे दिनों में सरकारी दफ्तर बंद रहते हैं और कोई ऑफिशियल प्रोग्राम नहीं होता है.
दूसरी बड़ी बात यह रही कि यह शपथ इस्लामाबाद स्थित सुप्रीम कोर्ट मुख्यालय के बजाय लाहौर रजिस्ट्री परिसर के बाहर खुले में दिलाई गई. पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में यह शायद पहला मौका है जब देश के शीर्ष न्यायिक पद की शपथ राजधानी से बाहर और सार्वजनिक स्थान पर हुई हो.
हिंदुस्तान में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान में पाकिस्तान के मुख्य चीफ जस्टिस जस्टिस याह्या अफरीदी हज के लिए सऊदी अरब गए हुए हैं और अगले हफ्ते तक वापस लौटेंगे. उनकी गैर-मौजूदगी की वजह से ही जस्टिस मंसूर अली शाह को 7 जून से 10 जून तक के लिए कार्यवाहक चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है. इस विशेष शपथ ग्रहण समारोह में जस्टिस आयशा ए. मलिक ने जस्टिस शाह को शपथ दिलाई, जो खुद में एक और काबिले जिक्र पहलू था.
पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को किसी महिला जज के जरिये शपथ दिलाया जाने यह एक दुर्लभ घटना मानी जा रही है. इस समारोह में सुप्रीम कोर्ट के अन्य जज जैसे जस्टिस शाहिद वहीद, जस्टिस आमिर फारूक, जस्टिस शाहिद बिलाल हसन और जस्टिस अली बाक़र नजाफी भी मौजूद थे. इसके अलावा एडवोकेट जनरल पंजाब अमजद परवेज और कई सीनियर वकील भी इस खास मौके पर मौजूद रहे.
पाकिस्तान के नवनियुक्त चीफ जस्टिस सैयद मंसूर अली शाह का यह तीन दिवसीय कार्यकाल पाकिस्तान की न्यायिक प्रणाली में एक छोटा लेकिन यादगार हिस्सा बन गया है, खासकर अपनी अनूठी परिस्थितियों की वजह से. पाकिस्तान की स्थापना के बाद सैयद मंसूर अली शाह यहां के 36वें चीफ जस्टिस बने हैं.