Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश चुनाव से पहले वहां की राजनीतिक पार्टीयां आपस में लड़ रही है. ये पार्टियां एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रही है. नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने जमात-ए-इस्लामी पार्टी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये पार्टियां बांग्लादेस में लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर चुनौती हैं. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार का तख्तापलट के बाद वहां लोकतांत्रिक चुनाव नहीं हुए हैं. बांग्लादेश में मोहम्मूद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार चल रही है. मीडिया रिपोर्ट की माने तो वहां साल 2026 में आम चुनाव होंगे. बांग्लादेश में आगामी चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों में तनाव बढ़ता जा रहा है. जमात-ए-इस्लामी ने चुनाव से पहले राजनीतिक संकट गहराने की बात कही और निष्पक्ष चुनाव का आयोजन करने को लेकर सवाल खड़े किए. वहीं, नेशनल सिटिजन पार्टी ने जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) ने चेतावनी दी है कि चुनाव से पहले भ्रम फैलाने और सुधार प्रक्रिया को रोकने की कोशिशें की जा रही हैं. NCP के संयोजक नाहिद इस्लाम ने जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये पार्टियां बांग्लादेश में लोकतांत्रिक ढांचे के लिए गंभीर चुनौती हैं.
बीते सोमवार (1 दिसंबर) की शाम बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित एक कार्यक्रम में NCP संयोजक नाहिद इस्लाम ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी पार्टी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि एक पार्टी स्वतंत्रता संग्राम का कार्ड खेल रही है, जबकि दूसरी धर्म का कार्ड खेल रही है.
NCP के संयोजक नाहिद इस्लाम ने आरोप लगाया कि BNP और जमात को पिछले साल जुलाई में हुए प्रदर्शन से राजनीतिक लाभ मिला था और आगामी चुनावों में भी उन्हें फायदा होने की संभावना है, लेकिन वे इसकी जिम्मेदारी लेने से कतराते हैं. उन्होंने कहा कि जब भी उन प्रदर्शनों में घायल या मृतक परिवार मदद मांगते हैं, तो उन्हें हमारे पास भेज दिया जाता है.
NCP के मुख्य समन्वयक नसिरुद्दीन पटवारी ने कहा कि देश इस समय राजनीतिक संकट का सामना कर रहा है. उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के हवाले से कहा कि सुरक्षा की स्थिति कमजोर है. उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें स्पष्ट करना होगा कि सुरक्षा को कमजोर कौन कर रहा है, आंतरिक ताकतें या बाहरी?
पटवारी ने आगामी चुनाव के संदर्भ में कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि चुनाव सुधारों के समर्थन या विरोध पर आधारित हो, लेकिन कुछ समूह इसे इस्लाम समर्थक और विरोधी इस्लाम का संघर्ष दिखाने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने इन समूहों से अपील की कि यह भ्रामक राजनीति छोड़ दें.
दूसरी ओर, जमात नेता शफीकुर रहमान ने आरोप लगाया कि कुछ समूह बिना सत्ता में आए ही लोगों पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं. वे प्रशासन को प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने आगे कहा कि देशभर में ठगी, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था जारी है. उन्होंने कहा कि लोगों को यह बताने के लिए मजबूर किया जा रहा है कि पहले की स्थिति खराब थी, अब और खराब हो गई है.