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Pakistan flood advisory: पिछले कुछ महीनों से पाकिस्तान के कई प्रांतों में बाढ़ से तबाही हो चुकी है, जिनमें लगभग 700 लोगों की मौत हुई है. अब एक बार फिर पाकिस्तान के कई इलाकों में भीषण बारिश और बाढ़ आने की संभावना है. इस संबंध में पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने चेतावनी जारी की है, जिससे पाकिस्तान के अवाम में खौफ का माहौल है.
पाकिस्तान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने संभावित बाढ़ की चेतावनी जारी करते हुए कहा कि 23 अगस्त से 30 अगस्त के बीच पाकिस्तान के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ आने की संभावना है. NDMA ने आगाह किया है कि कुछ जगहों पर भारी बारिश से अचानक बाढ़, भूस्खलन और पर्वतीय घाटियों में हिमनद झीलों के फटने से बाढ़ आ सकती है. NDMA की इस चेतावनी के मुताबिक गिलगित-बाल्टिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा में छिटपुट बारिश की संभावना है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के चित्राल, दीर, स्वात, शांगला, मनसेहरा, बट्टाग्राम, एबटाबाद, मलकंद, पेशावर, चारसद्दा, नौशेरा, मर्दन, टैंक, बन्नू और लक्की मरवत जैसे जिलों के प्रभावित होने की संभावना है. यानी इन जिलों में भारी बारिश के साथ बाढ़ आने की संभावना ज्यादा है. इन जिलों में अधिकारियों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है. NDMA ने एडवाइजरी जारी कर आम लोगों से अपील की है कि वे संभावित बाढ़ क्षेत्रों, नदियों, तेज़ बहाव वाले झरनों और नालों के पास बिना वजह जाने से बचें. साथ ही पर्यटकों को ग्लेशियरों के पास ट्रेकिंग करने या अस्थिर इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है.
नागरिक और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को बाढ़ या भूस्खलन की स्थिति में आपातकालीन योजनाएँ तैयार करने, जरूरी चीजों को स्टॉक करने और सड़कों को साफ़ करने के निर्देश दिए गए हैं. NDMA ने एडवाइजरी जारी कर सिंधु नदी, खासकर गुड्डू और तौंसा नदी के जलस्तर में तेज़ बढ़ोतरी की चेतावनी दी है. रावी और चिनाब नदियों में भी जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है.
इसके साथ ही गिलगित-बाल्टिस्तान में गिलगित, स्कार्दू, हुंजा, घीजर, डायमर, अस्तोर, घांचे और शिगर में भी इसी अवधि के दौरान भारी बारिश हो सकती है. NDMS ने 23 से 30 अगस्त तक रावलपिंडी, अटक, झेलम, मियांवाली, खुशाब, सरगोधा, सियालकोट, गुजरात और हाफिजाबाद में भारी बारिश का अनुमान लगाया है.