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Nigeria News Today: नाइजीरिया के उत्तर-पूर्वी राज्य बोर्नो के कोंडुगा कस्बे में शुक्रवार (21 जून) देर रात दो बड़े आत्मघाती धमाकों से दहशत फैल गई. पहला धमाका एक रेस्टोरेंट में हुआ, जिसमें कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. दूसरा हमला पास के एक फिश मार्केट में हुआ, जिसमें कम से कम 20 स्थानीय मिलिशिया लड़ाके मारे गए.
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही रेस्टोरेंट में धमाका हुआ इलाके में अफरा-तफरी मच गई. लोग जान बचाकर भागने लगे. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया.
मिलिशिया प्रमुख तिज्जानी अहमद ने बताया कि यह हमला एक महिला ने किया. हमलावर स्थानीय नागरिक की भेष में फिश मार्केट पहुंची थी और पास में मौजूद मिलिशिया शेड तक पहुंचते ही खुद को बम से उड़ा लिया. तिज्जानी अहमद ने बताया कि जिस समय यह घटना हुई, उस समय लड़ाके आर्मी की मदद के लिए इकट्ठा हुए थे.
तिज्जानी के मुताबिक, "18 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और 18 घायल हुए है. बाद में इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत हो गई." इसके बाद शनिवार (21 जून) को मृतकों का सामूहिक रुप से अंतिम संस्कार किया गया. बोर्नो राज्य पुलिस के प्रवक्ता नाहुम डासो ने कहा कि फिलहाल 10 शव बरामद हुए हैं, लेकिन मौतों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि घटनास्थल से जुड़ी जानकारी अब भी अधूरी है.
हालांकि, अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि इसके पीछे बोको हराम या उसके गुट इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस (ISWAP) का हाथ हो सकता है. बोको हराम साल 2009 से नाइजीरिया में सक्रिय है. यह संगठन पश्चिमी शिक्षा और वहां की सरकार का मुखर विरोधी है. बोको हराम, नाइजीरिया में पश्चिमी देशों की दखअंदाजी के खिलाफ है.
संयुक्त राष्ट्र (UN) के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 16 सालों में 40 हजार से ज्यादा लोग इस हिंसा में मारे जा चुके हैं और करीब 20 लाख लोग अपने घरों को छोड़कर भागने को मजबूर हुए. यह आतंक अब नाइजीरिया से निकलकर नाइजर, चाड और कैमरून जैसे पड़ोसी देशों में भी फैल चुका है. नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला टीनूबू ने देश से आतंकवाद खत्म करने का वादा किया है, लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि आम नागरिकों की जान अब भी खतरे में है और आए दिन इस तरह की घटनाएं आम हैं.