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Norway News Today: उत्तरी यूरोप का छोटा सा देश नार्वे में हमेशा मुसलमानों के खिलाफ साजिश और हिंसा की घटनाएं सामने आती रही है. इसी तरह का एक और मामला नार्वे की राजधानी ओस्लो से सामने आया है. पुलिस ने एक नौजवाव को गिरफ्तार किया है, जिसने एक सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या की है और बाद में मस्जिद पर हमला करने की साजिश रची.
ओस्लो पुलिस के इस खुलासे मुस्लिम विरोधी साजिश का पर्दाफाश हो गया है. पुलिस के मुताबिक, इथियोपियन मूल के एक सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या के आरोप में एक नौजवान को गिरफ्तार किया गया है, उसने ओस्लो की एक मस्जिद पर भी हमला करने की योजना बनाई थी. नार्वे पुलिस के इस खुलासे के बाद यहां रहने वाले मुसलमानों और उनकी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी को बीते दिनों रात को ओस्लो के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था. इस पर आरोप है कि इसने 34 साल के सामाजिक कार्यकर्ता तमीमा नीरस जोहार की हत्या की है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या और आतंकवाद दोनों मामलों में जांच चल रही है. आरोपी नौजवान मुसलमानों से सख्त नफरत करता है, उसने बीते दिनों मुस्लिमों के खिलाफ नफरती और दुश्मनी भरे ख्याल का इजहार किया था.
पूछताछ में नौजवान ने कबूल किया कि वह ओस्लो से करीब 60 किलोमीटर उत्तर में स्थित फॉस की एक मस्जिद पर हमला करना चाहता था. पुलिस के शुरुआती जांच में यह साफ हुआ है कि आरोपी की और ज्यादा हमला करने की क्षमता सीमित थी और वह अकेले ही इस वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आरोपी की पहचान जर्मन नागरिक जॉर्बे विलियम्स के तौर पर हुई है, जो बचपन में सर्बिया से नॉर्वे आया था. हालांकि, पुलिस ने अभी इसक घटना पुष्टि नहीं की है.
गौरतलब है कि नॉर्वे में पहले भी दक्षिणपंथी चरमपंथियों संगठों के जरिये दो बार हमले किए जा चुके हैं. साल 2011 में नियो नाजी आंद्रेस बेहरिंग ब्रेविक ने ओस्लो में बम धमाका हुआ,जबकि इश दौरान ऊटोया द्वीप पर फायरिंग की गई. इस हमले में 77 लोगों की हत्या कर दी गई थी. साल 2019 में फिलिप माइन्सहॉस ने ओस्लो की एक मस्जिद में गोलीबारी की थी, लेकिन वहां मौजूद नमाजियों ने उसे काबू कर लिया था.