NSA Ajit Doval talks with Saudi Arabia: पहलगाम हमले का जवाब देते हुए भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत PoK में आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए. NSA अजीत डोभाल ने सऊदी अरब समेत कई ताकतवर देशों से बातचीत कर पाकिस्तान को कूटनीतिक मोर्चे पर भी घेरा.
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Operation Sindoor: Pahalgam Terror Attack का जवाब देते हुए भारतीय फौज ने 'Operation Sindoor' के तहत पाकिस्तान के PoK में छिपे दहशगर्दों के ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं, जिसमें कम से कम 90 आतंकी मारे गए हैं. इस बड़ी सैन्य कार्रवाई के बाद अब भारत कूटनीतिक मोर्चे पर भी पाकिस्तान की घेराबंदी में लगा हुआ है और भारत ने अपनी रणनीति तेज कर दी है.
देश के NSA चीफ अजीत डोभाल ने आज यानी 7 मई को दुनिया के सबसे मुस्लिम ताकतवर देश सऊदी अरब के अधिकारियों से इस हमले के बारे में विस्तार से बात की है. इसके साथ ही भारत ने पाकिस्तान को चौतरफा घेरने के लिए दुनिया का पावरफुल देश अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, रूस और फ्रांस में अपने समकक्षों से बातचीत की.
अजीत डोभाल ने क्या कहा?
NSA चीफ अजीत डोभाल ने कहा कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में बहुत सावधानी और सोच-समझकर सिर्फ आतंकी ठिकानों पर हमला किया है. डोभाल ने साफ कहा कि भारत का मकसद किसी भी हालत में तनाव बढ़ाना नहीं है लेकिन अगर पाकिस्तान उकसाने की कोशिश करता है तो भारत मजबूती से जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में वह इन देशों के सुरक्षा अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहेंगे, ताकि हालात पर नजर रखी जा सके और किसी तरह की गलतफहमी न हो.
सऊदी अरब कभी भी नहीं करेगा दहशतगर्दी करने वालों का समर्थन
गौरतलब है कि सऊदी अरब भी कई सालों से दहशतगर्दी के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है. यमन में मौजूद हूती विद्रोही संगठन के खिलाफ सऊदी अरब ने लंबे वक्त तक बड़ी सैन्य कार्रवाई की है. सऊदी अरब अच्छी तरह जानता है कि दहशतगर्दी और दहशतगर्द संगठन मुल्क और आम लोगों के लिए कितने खतरनाक होते हैं. इसलिए सऊदी अरब कभी भी ऐसे आतंकी संगठनों या उन्हें पनाह देने वालों का समर्थन नहीं करेगा.
सऊदी अरब अब तक क्यों है खामोश
इसी वजह से ऑपरेशन सिंदूर में जब भारत ने पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया, तो सऊदी अरब ने भी इस पर विरोध नहीं जताया. क्योंकि सऊदी अरब जानता है कि दहशतगर्दी को खत्म करना हर मुल्क की ज़िम्मेदारी है और आतंकवाद फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कदम ज़रूरी हैं.