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Hamas control on Gaza: गज़ा में सीजफायर लागू होने के बाद हमास के लड़ाके फिर से गज़ा का कंट्रोल अपने हाथों में लेना शुरू कर दिया है. इजरायल के साथ पिछले दो सालों तक चली युद्ध से हमास कमजोर हुआ है, इसके बावजूद गज़ा में हमास की मौजूदगी है. सीजफायर के बाद हमास के हथियारबंद लड़ाके सड़कों पर निकल आए हैं और गज़ा की सिविल व्यवस्था को अपने कंट्रोल में ले लिया है.
इस बीच गज़ा में मौजूद इजरायल समर्थित मिलिशिया और हमास के लड़ाकों के बीच झड़पें भी हो रही हैं. साथ ही हमास ने फिलिस्तीनियों के साथ गद्दारी करने और इजरायल के लिए जासूसी करने के आरोप में 8 लोगों को सरेआम मौत के घाट उतार दिया. हमास ने यह कार्रवाई बीते सोमवार को की. इस कार्रवाई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें हमास के लड़ाके इन 8 लोगों को बीच सड़क पर सैकड़ों लोगों की भीड़ के सामने गोली मार रहे हैं.
हमास का कहना है कि कुछ जंग का फायदा उठाते हुए कुछ लोग इजरायल के लिए जासूसी किया और गज़ा में मानवीय सहायता पर कब्जा करके बेचा और मुनाफा कमाया. हमास ने इन कथित गद्दारों से निपटने के लिए एक नया विंग बनाया है, जिसका नाम 'डिटरेंस फ़ोर्स' रखा गया है. यह हमास विरोधी गिरोह और इजरायल की मदद करने वाले लोगों पर कार्रवाई कर रहा है.
वहीं, इजरायल ने हमास पर युद्ध विराम की पूरी शर्तें न मानने का आरोप लगाते हुए जंग फिर से शुरू करने की धमकी दी है. इजरायल का कहना है कि युद्ध विराम की शर्तों के मुताबिक हमास को हथियार छोड़ना होगा, वरना गज़ा में फिर से जंग शुरू किया जाएगा. बता दें कि हमास ने इन शर्तों को मानने से इंकार कर दिया है.
दरअसल, गज़ा में सीजफायर के लिए मिस्र की राजधानी काहिरा में हुए समझौते के मुताबिक हमास को गज़ा की शासन व्यवस्था से अलग होना होगा. साथ ही पूरी तरह हथियारों को छोड़ना होगा. इस शर्त में यह भी है कि गज़ा में इंटरनेशनल फोर्सेज तैनात की जाएंगी, जिसमें अरब देशों की सेनाए भी शामिल होंगी और गज़ा की शीर्ष गवर्निंग बॉडी में अमेरिका के लोग होंगे.
इन शर्तों को हमास ने मानने से इंकार कर दिया. हमास ने कहा है कि गज़ा में किसी विदेशी शासन को आने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. हमास ने हथियार छोड़ने के मुद्दे पर कहा कि वह किसी दूसरे मुल्क के हाथों में अपने हथियार नहीं सौंपेगा. हमास किसी फिलिस्तीनी संगठन को अपना हथियार सौंप सकता है. साथ ही गज़ा में फिलिस्तीन के लोगों द्वारा ही शासन चलाने की बात की है.