Pakistan News: पाकिस्तानी सेना कथित रूप से आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को दूसरे आतंकी संगठन TTP के खिलाफ इस्तेमाल करने की तैयारी कर रही है. क्योंकि TTP लगातार पाकिस्तानी सेना पर हमला कर रहा है और पाकिस्तानी सेना एक साथ TTP, बलूचिस्तान लिब्रिशन आर्मी और अफगान तालिबान से नहीं लड़ सकती है. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Pakistan News: पाकिस्तान के खिलाफ तहरीक-ए-तालिबान (TTP) पाकिस्तान नाम का एक आतंकी संगठन ने जंग छेड़ रखी है. TTP के लड़ाके आए दिन पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर हमले कर रहे हैं. वहीं, पाकिस्तानी सेना भी TTP पर कार्रवाई कर रही है. इन सब के बीच अब पाकिस्तान में आंती संगठन TTP के खिलाफ लश्कर-ए-तैयबा ने लड़ने का इरादा कर लिया है. लश्कर-ए-तैयबा के चीफ मौलाना मोहम्मद सईद के करीबी मोहम्मद याकूब शेख ने ऐलान किया है कि वह पाकिस्तानी सेना के साथ मिलकर लड़ाई लड़ने और हर तरीके की कुरबानी देने के लिए तैयार हैं.
इस पर जानकारों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना एक साथ TTP, बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी और अफगान तालिबान से तीन मोर्चों पर नहीं लड़ सकती. इसलिए पाकिस्तानी सेना एक आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठन TTP के खिलाफ मैदान में उतारना चाह रही है. वहीं, इस फैसले से लश्कर-ए-तैयबा के अंदर बगावत या फूट पड़ने का भी खतरा है. जानकारों का मानना है कि लश्कर के कई नेता और लड़ाके TTP के खिलाफ लड़ने से इंकार करेंगे, जिससे संगठन के अंदर फूट पड़ सकता है.
क्योंकि लश्कर-ए-तैयबा के अंदर बहुत से लड़ाके तालिबान के लिए सहानुभूति रखते हैं और उनके कामों और विचारधारा से सहमत हैं. खास करके तालिबान द्वारा अमेरिका के खिलाफ लड़ना लश्कर के लड़ाकों का काफी पसंद आया.
लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के शीर्ष नेता भी तालिबान और पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव से नाखुश हैं. ये नेता तालिबान को एक स्वाभाविक सहयोगी मानते हैं, जिसने पश्चिम का सामना किया था. लश्कर-ए-तैयबा के कई लोग संगठन छोड़ने और पश्चिमी ताकतों के खिलाफ तालिबान के साथ लड़ने की योजना बना रहे थे. उस समय पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने हस्तक्षेप किया और ऐसा होने से रोका.