Pakistan Canal Project: पाकिस्तान सरकार 3.3 अरब डॉलर की लागत से छह नहरों के निर्माण का प्लान बनाया है. शहबाज सरकार के इस प्रोजेक्ट को लेकर सिंध में भारी विरोध देखने को मिल रहा है. सिंध में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हिंदू में राज्य मंत्री खील दास कोहिस्तानी पर हमला बोल दिया. इसकी पीएम शहबाज शरीफ ने कड़ी शब्दों में निंदा की है.
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Pakistan News Today: पाकिस्तान के सिंध प्रांत में नयी नहरों की योजना के खिलाफ रैली निकालने वाले प्रदर्शनकारियों ने एक हिंदू राज्य मंत्री पर हमला कर दिया. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद और धार्मिक मामलों के राज्य मंत्री खील दास कोहिस्तानी शनिवार (19 अप्रैल) को थट्टा जिले से गुजर रहे थे, तभी प्रदर्शनकारियों ने उनके काफिले पर टमाटर और आलू फेंके और संघीय सरकार के खिलाफ नारे लगाए.
अधिकारियों ने बताया कि हमले में खील दास कोहिस्तानी को कोई नुकसान नहीं हुआ है. रेडियो पाकिस्तान ने खबर दी कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कोहिस्तानी को फोन किया और घटना की गहन जांच का आश्वासन दिया है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, "जन प्रतिनिधियों पर हमला अस्वीकार्य है. घटना में शामिल लोगों को कड़ी सजा दी जाएगी."
सूचना मंत्री अता तरार ने सिंध के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) गुलाम नबी मेमन से घटना का ब्यौरा और संघीय गृह सचिव से रिपोर्ट मांगी है. सिंध के मुख्यमंत्री सैयद मुराद अली शाह ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है. उन्होंने हैदराबाद क्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक को हमले में शामिल व्यक्तियों को तुरंत गिरफ्तार करके रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं.
नेशनल असेंबली की वेबसाइट पर मौजूद निजी जानकारी के अनुसार, खील दास कोहिस्तानी सिंध के जमशोरो जिले से ताल्लुक रखते हैं और साल 2018 में पीएमएल-एन से पहली बार संसद के सदस्य चुने गए थे. पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद खील दास कोहिस्तानी साल 2024 में फिर से निर्वाचित हुए और उन्हें शहबाज सरकार में राज्य मंत्री बनाया गया.
दरअसल, ग्रीन पाकिस्तान इनिशिएटिव के तहत शहबाज सरकार 3.3 अरब डॉलर की लागत से छह नहरों के निर्माण का मंसूबा बनाया है. दावा है कि इन नहरों के निर्माण से क्षिण पंजाब में 12 लाख एकड़ कथित बंजर भूमि की सिंचाई की जाएगी. इसको लेकर सिंध प्रांत भीर विरोध देखने को मिल रहा है. सिंध सरकार को आशंका है कि इन नहरों के बनने से सिंधु नदी से उसके हिस्से का पानी कम हो जाएगा. इसी को लेकर विरोध के दौरान के हिंदू खील पर आलू टमाटर फेंके गए.
सरकार के इस प्रोजेक्ट के खिलाफ सिंध में भारी विरोध हो रहा है. विरोध प्रदर्शनों में सामाजिक कार्यकर्ता, सियासी दल, नागरिक संगठनों, व्यापार संघ और साहित्यिक संस्थानों के सदस्य सरकार के इस फैसले के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं. प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि 'पानी को बहने दो' और इस परियोजना को तत्काल रद्द किया जाए. उन्होंने इसे सिंध के अधिकारों का उल्लंघन और जनता-विरोधी नीति करार दिया. पीएमएल-एन की सहयोगी पीपीपी प्रमुख ने कल हैदारबाद में इस प्रोजेक्ट का विरोध करते नजर आए थे.