BLA Attack in Balochistan: विद्रोही संगठन बलोच लिब्रेशन आर्मी (BLA) के लड़ाकों ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन हेरोफ चलाकार सिलसिलेवार हमले किए, जिसमें पाकिस्तानी सेना और सरकार को भारी नुकसान पहुंचा. इस हमले के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बल बालूचिस्तान में (BLA) के खिलाफ लगातार ऑपरेशन चला रही है. 40 घंटे तक चले एक ऑपरेशन में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने 145 लोगों को मौत के घाट उतार दिया है. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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BLA Attack in Balochistan: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के 10 से 12 शहरों और कसबों में विद्रोही संगठन "बलूचिस्तान लिब्रेशन आर्मी" (BLA) के लड़ाकों ने बीते 31 जनवरी को ऑपरेशन हेरोफ-2 के तहत सिलसिलेवार हमले किए. इस हमले के जवाब में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने करीब 40 घंटे तक चले एक सैन्य अभियान में 145 लोगों को मार गिराया है. स्थानीय मीडिया ने बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती के हवाले से बताया कि यह कार्रवाई बलूचिस्तान में सिलसिलेवार हमलों के जवाब में की गई. वहीं, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) ने बताया कि इस अभियान में (BLA) 92 आतंकवादियों को मार गिराया गया. वहीं, 15 आम नागरिकों की भी मौत हो गई.
दरअसल, BLA ने 31 जनवरी वाले हमले का नाम ऑपरेशन हेरोफ-2 यानी काला तूफान दिया. इस हमले में BLA के लड़ाकों ने पुलिस चौकियों, सेना से जुड़े संस्थान, बैंक, रेलवे स्टेशन और अन्य सरकारी संस्थानों पर गोलीबारी की गई, धमाके किए गए और अधिकारियों समेत 13 लोगों को अगवा कर लिया गया. इस हमले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के लगभग 84 जवान मारे गए. इस हमले के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने BLA के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए हैं.
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि इन हमलों में पुलिस और फ्रंटियर कोर समेत अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के 17 जवान मारे गए. इसके अलावा, नौसेना के एक अधिकारी की भी जान गई. कुल मिलाकर 31 लोगों की मौत हुई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं.
पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने कहा कि हमलावर आम नागरिकों के वेश में अस्पतालों, स्कूलों, बैंकों और बाजारों में घुसे और फिर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी. उन्होंने बताया कि दुकानों में काम कर रहे सामान्य लोगों को निशाना बनाया गया और हमलों के दौरान नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया. चौधरी ने कहा, "हर मामले में, हमलावर नागरिकों के रूप में आए और दुकानों में काम करने वाले आम लोगों को अंधाधुंध निशाना बनाया."