Pakistan Crime News: पाकिस्तान में लॉ एंड आर्डर को लेकर एक रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इस रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का पंजाब प्रांत गैंगरेप, रेप और अपहरण जैसी घटनाओं में पहले नंबर पर है. हालिया सालों में पाकिस्तान में दंगों की घटनाओं में भी तेजी से इजाफा हुआ है.
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Pakistan News Today: पाकिस्तान में पिछले साल गैंगरेप के 2,142, अपहरण के 34 हजार 688 और हत्या के 11 हजार 74 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं. लेटेस्ट ऑफिशियल क्राइम स्टैटिक्स रिपोर्ट के जरिये शेयर किए गए आंकड़े पाकिस्तान में लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं.
इन आंकड़ों में पंजाब अपराध से सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांत के तौर पर उभरा. यहां हत्या, गैंगरेप और अपहरण के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं. सबसे चिंताजनक बात यह है कि पिछले साल देश की राजधानी इस्लामाबाद में गैंगरेप के दर्ज मामले कई प्रांतों से ज्यादा रहे.
पाकिस्तान के 'न्यूज इंटरनेशनल' मुताबिक, साल 2024 में देश में गैंगरेप के कुल 2142 मामलों में से अकेले पंजाब प्रांत में सबसे अधिक 2046 मामले दर्ज किए गए. यह संख्या खैबर पख्तूनख्वा (KP) और बलूचिस्तान के संयुक्त आंकड़ों से भी अधिक हैं. जारी आंकड़ों के मुताबिक, सिंध प्रांत में गैंगरेप के 71 मामले दर्ज किए गए हैं.
इस्लामाबाद में गैंगरेप के कुल 22 मामले और व्यभिचार (Adultery) के 125 मामले सामने आए हैं, जबकि बलूचिस्तान में गैंगरेप का एक भी मामला दर्ज नहीं हुआ, जबकि व्यभिचार के 43 मामले सामने आए हैं. खैबर पख्तूनख्वा में एक गैंगरेप केस और व्यभिचार के 402 मामले दर्ज किए गए हैं.
रिपोर्ट में कहा गया कि कुल मिलाकर, साल 2024 में पूरे पाकिस्तान में अपहरण के 34 हजार 688 मामले दर्ज किए गए हैं, इनमें से 28 हजार 702 मामले सिर्फ पंजाब प्रांत में दर्ज किए गए हैं. सिंध प्रांत में 4 हजार 331 अपहरण की घटनाएं दर्ज की गईं हैं. वहीं केपी में 533, बलूचिस्तान से 406, इस्लामाबाद से 238 और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अपहरण के 370 मामले दर्ज किए गए हैं.
यह क्राइम रिपोर्ट पाकिस्तानी प्रांतों में मानवाधिकार स्थिति की गंभीर वास्तविकता को उजागर करती है. पिछले साल पाकिस्तान में बड़े पैमाने पर दंगे हुए थे. रिपोर्ट के अनुसार देश भर में ऐसे 4 हजार 533 मामले सामने आए थे. हालांकि, पंजाब में इस्लामाबाद के बाद दंगों के सबसे कम मामले सामने आए हैं. देश की राजधानी में पिछले साल कोई दंगा नहीं हुआ.
पंजाब प्रांत में दंगों के दो मामले सामने आए, जबकि सिंध में दंगों के 3 हजार 472, खैबर पख्तूनख्वा में 12, बलूचिस्तान में 292 और पीओके में 557 दंगों की घटनाएं हुईं. पिछले साल दंगों के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है.
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