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Pakistan: अमीर खुसरो की बरसी पर पाक से भारत आए 178 ज़ायरीन, पेश की चादर

Pakistan News: अमीर खुसरो की बरसी के मौके परपाकिस्तानी अकीदतमंद भारत पहुंचे और अमीर खुसरो की कब्र पर चादर चढाई. हर साल ज़ायरीन खुसरो की बरसी पर हिंदुस्तान आते हैं

Pakistan: अमीर खुसरो की बरसी पर पाक से भारत आए 178 ज़ायरीन, पेश की चादर

Pakistan News: एक सीनियर पाकिस्तानी राजनयिक ने बुधवार को नई दिल्ली में 13वीं सदी के मशहूर सूफी संत की दरगाह पर हाज़िरी दी, वे पाकिस्तान से आए 178 ज़ायरीनों के साथ भारत पहुंचे थे.  उन्होंने सूफि संत की बरसी पर खिराजे अकीदक पेश की. हालांकि, भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते अभी भी तनावपूर्ण हैं.

अमीर खुसरो की बरसी

अमीर खुसरो, एक मश्हूर सूफी कवि थे और निजामुद्दीन औलिया के शिष्य थे उनको उनकी शायरी, संगीत और फारसी व हिंदवी (पुरानी हिंदी) भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए याद किया जाता है. उन्होंने भारत की इस्लामी-संस्कृति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई थी.

पाकिस्तानी हाई कमीशन ने क्या कहा?

पाकिस्तानी हाई कमीशन ने जानकारी दी कि भारत में पाकिस्तान के कार्यवाहक राजदूत, सआद अहमद वार्रैच ने नई दिल्ली में मशहूर सूफी संत हज़रत अमीर खुसरो (रह.) की दरगाह पर पाकिस्तान सरकार और जनता की तरफ से से चादर चढ़ाई. बयान में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान से आए 178 ज़ायरीन (भक्त) भी इस मौके पर मौजूद थे, ये लोग हज़रत अमीर खुसरो (रह.) के 721वें उर्स में शामिल होने भारत आए हैं.

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1974 में बने प्रोटोकॉल के तहत हुआ सफर

बयान के अनुसार, पाकिस्तानी राजनयिक और भक्तों का दरगाह पर बहुत गर्मजोशी से इस्तकबाल किया गया. यह सफर 1974 में बने भारत-पाकिस्तान मज़हबी मकामात के सफर के लिए प्रोटोकॉल के तहत हुआ है, जो दोनों देशों के नागरिकों को धार्मिक स्थलों पर सफर करने की इजाजत देता है.

सिखों के लिए पाकिस्तान ने जारी किए वीज़ा

उधर, पाकिस्तान ने हाल ही में लगभग 6,000 भारतीय सिखों को वीजा जारी किए हैं, ताकि वे बैसाखी मनाने पाकिस्तान जा सकें. यह त्योहार फसल कटाई और 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की याद में मनाया जाता है. हज़ारों सिख अकीदतमंद पाकिस्तान के हसन अब्दाल शहर के गुरुद्वारा पंजा साहिब में जमा होते हैं, जहां माना जाता है कि गुरु नानक जी का हाथ का निशान मौजूद है.

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Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

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