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Pakistan News Today: पाकिस्तान की सियासत एक बार फिर उबाल पर है. पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान की सेहत को लेकर पार्टी समर्थकों ने सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा है. जैसे ही PTI ने मंगलवार (2 नवंबर) को आदियाला जेल और राष्ट्रीय राजधानी इस्लामाबाद में विरोध प्रदर्शन की घोषणा की, प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और सुरक्षा वजहों का हवाला देते हुए 1 से 3 दिसंबर तक धारा 144 लागू कर दी,
यह प्रतिबंध दो शहरों, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में लागू किया गया है. इन शहरों को ट्विन सिटीज कहा जाता है. गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए दो टूक कहा कि जो भी धारा 144 का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया कि उन्हें खुफिया एजेंसियों से इनपुट मिले हैं कि विरोध प्रदर्शन की आड़ में आतंकी हमलों की आशंका है.
तलाल चौधरी ने चेतावनी देते हुए कहा, "चाहे प्रदर्शनकारी इस्लामाबाद हाई कोर्ट जाएं या आदियाला जेल, धारा 144 के चलते बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई की जाएगी." उन्होंने PTI से जुड़े सांसदों और समर्थकों से कहा कि वे कानून का पालन करें और किसी ऐसी सरगर्मी में शामिल न हों जो सुरक्षा के लिए खतरा बने.
क्या है धारा 144?
धारा 144 पाकिस्तान के क्रिमिनल प्रोसीजर कोड में दिया गया एक कानूनी प्रावधान है, जो जिला प्रशासन को विशेष परिस्थितियों में कड़े अधिकार प्रदान करता है. इस धारा के लागू होने पर किसी भी इलाके में चार या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है. इसमें सियासी सरगर्मियां, रैलियां, प्रदर्शन और भीड़ जुटने की हर कोशिश पर अस्थायी रोक शामिल होती है. आम तौर पर यह कदम तब उठाया जाता है जब प्रशासन को दंगे, तनाव बढ़ने या आतंकी घटनाओं जैसी गंभीर सुरक्षा आशंका दिखाई देती है. धारा 144 का मकसद अशांति को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना होता है.
इमरान से मुलाकात न होने पर विवाद
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के नेता और समर्थक इस बात को लेकर बेहद नाराज हैं कि उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने नहीं दिया जा रहा. प्रसिद्ध नेता इमरान खान इस समय रावलपिंडी की आदियाला जेल में बंद हैं, जहां उन पर सुरक्षा वजहों का हवाला देते हुए मुलाकात के प्रतिबंध लगाए गए हैं. PTI का आरोप है कि यह प्रतिबंध उनके अधिकारों का हनन है, क्योंकि पार्टी नेताओं और परिवार को इमरान खान से मिलने का संवैधानिक हक है. इसी के विरोध में PTI ने अदालत परिसर और जेल के बाहर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, जिसके चलते इलाके में तनाव की आशंका जताई जा रही है.
'आतंकी सोशल मीडिया का उठा सकते हैं फायदा'
रावलपिंडी और इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आदियाला जेल तक जाने वाले सभी रास्तों पर पिकेट और नाकाबंदी कर दी गई है. इसके साथ ही प्रमुख सरकारी इमारतों की ओर जाने वाले मार्गों को भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है. पूरे शहर में पुलिस और रेंजर्स की अतिरिक्त तैनाती की गई है, ताकि किसी भी तरह की अशांति को रोका जा सके.
गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया कि आतंकवादी सोशल मीडिया एप्स और VPN का इस्तेमाल कर अपनी लोकेशन छिपाकर सक्रिय हो सकते हैं. इसी वजह से मंत्रालय ने पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी के साथ मिलकर डिजिटल निगरानी को और मजबूत करने का फैसला लिया है. मंत्री चौधरी ने साफ कहा कि धारा 144 को सख्ती से लागू किया जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सियासी सरगर्मियों में सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल हुआ, तो हाई कोर्ट के आदेशों के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी. पत्रकारों के पूछने पर कि क्या इमरान खान को आदियाला जेल से इस्लामाबाद की किसी जेल में शिफ्ट किया जाएगा, चौधरी ने कहा कि फिलहाल इस संबंध में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी.
इमरान खान पर चल रहे हैं कई मुकदमें
बता दें, पाकिस्तानी के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर कई मामलों में मुकदमे चल रहे हैं और वे वर्तमान में जेल में हैं. उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शनों की लहर उठी थी. इसके बाद से सरकार और PTI के बीच टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसकी वजह से सियासी हालात और तनावपूर्ण बने हुए है. बीते दिनों उनके मौत की अफवाह से पूरी दुनिया में हलचल मच गई थी. इमरान खान का शुमार पाकिस्तान के कद्दावर नेताओं में होता है. नौजवानों में भी उनकी सकारात्मक छवि है.