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Afghan Refugees News: अफगानी शरनार्थियों की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. दरअसल, पाकिस्तान और ईरान ने एक ही दिन में 4,834 से ज्यादा अफगान शरणार्थियों को अपने-अपने देश से बाहर निकाल दिया है. इस बात की जानकारी अफगानिस्तान की अंतरिम तालिबान सरकार ने दी है.
तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने रविवार (30 नवंबर) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर एक पोस्ट किया, जिसमें इस बात की जानकारी दी गई थी कि बीते शनिवार को 4,834 अफगानी शरणार्थियों को पाकिस्तान और ईरान ने जबरदस्ती वापस भेज दिया है.
तालिबान के उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने बताया कि अफगानी शरणार्थी नंगरहार में तोरखम क्रॉसिंग, हेरात में इस्लाम कला क्रॉसिंग, निमरोज में पुल-ए-अब्रेशम, कंधार में स्पिन बोल्डक और हेलमंद में बहरामचा के जरिए अफगानिस्तान में दाखिल हुए.
उन्होंने बताया कि 6,566 सदस्यों वाले 1,160 परिवारों को उनके अपने इलाकों में ले जाया गया, जबकि 780 परिवारों को मानवीय मदद दी गई है. इसके अलावा अफगानिस्तान लौटने वाले अफगान शरणार्थियों को 827 सिम कार्ड दिए गए.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित अर्जेंटीना पार्क में पुलिस ने रात भर छापा मारा, जिसमें कई अफगान शरणार्थियों और महिला एक्टिविस्ट्स को पहले पीटा गया, फिर उन्हें हिरासत में लिया गया. पुलिस ने रात में पूर्व सूचना के बगैर पार्क को घेर लिया और लगभग 200 अफगान परिवारों और एक्टिविस्ट्स के लगाए तंबू निकाल फेंके और उन्हें जबरदस्ती हटा दिया. सभी लगभग चार महीने से वहां रह रहे थे.
इस कार्रवाई के बाद मानवाधिकार समूहों के कार्यकर्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों और मीडिया से अफगान शरणार्थियों के लिए आवाज उठाने की अपील की और इस मुद्दे पर लगातार चुप्पी को खतरनाक बताया. कहा, मानवाधिकार समूहों के कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस खामोशी का मतलब साफ है कि हम उन लोगों का साथ छोड़ रहे हैं जिनका एकमात्र हथियार इंसाफ के लिए अपनी आवाज उठाना है.