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Pakistan News: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है. स्थानीय अधिकारियों ने बताया है कि अब तक कम से कम 324 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग अब भी लापता हैं. 15 अगस्त को हुई मूसलाधार बारिश और बादल फटने की वजह से यह आपदा आई.
आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, बचाव दल अब तक 63 शव निकाल चुके हैं. कई जगहों पर राहत और बचाव का काम जारी है लेकिन खराब मौसम और टूटे हुए रास्तों की वजह से टीमें प्रभावित इलाकों तक आसानी से नहीं पहुंच पा रही हैं. सबसे ज्यादा नुकसान बुनेर जिले में हुआ है. चश्मदीदों ने बताया कि बाढ़ का पानी सिर्फ पानी नहीं था, बल्कि उसमें सैकड़ों टन पत्थर और बोल्डर बहकर आए, जिसने पूरे-पूरे गांव तबाह कर दिए.
बुनेर के रहने वाले एक शख्स ने बताया कि उन्होंने अपनी आंखों से देखा कि "60 से 70 घर कुछ ही मिनटों में बह गए." कई लोग अपने घरों से निकल भी नहीं पाए और पानी में फंसकर मर गए. स्थानीय पुलिस अधिकारी इम्तियाज खान ने कहा कि बाढ़ इतनी तेज आई कि पुलिस स्टेशन तक बह गया. अगर वे ऊंचाई पर नहीं चढ़ते, तो उनकी भी जान चली जाती.
अस्पताल में चल रहा है इलाज
स्थानीय अस्पतालों में हालात बेहद भयावह हैं. डॉक्टरों ने बताया कि कई शव पूरी तरह क्षत-विक्षत हो चुके हैं. एक डॉक्टर मोहम्मद तारिक ने कहा, "अधिकतर पीड़ित अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ चुके थे." मृतकों में बड़ी संख्या में बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं. गंभीर रुप से जख्मी 45 साल के सुल्तान सैयद ने कहा कि यह सिर्फ बाढ़ नहीं थी, बल्कि पत्थरों का सैलाब था. हमने ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा.
परिवारों पर टूटा कहर
कई परिवार पूरी तरह उजड़ गए. एक शिक्षक सुलेमान खान ने बताया कि उनके परिवार के 25 सदस्य बाढ़ में बह गए. वह और उनका भाई इसलिए बच गए क्योंकि उस वक्त घर से बाहर थे. शनिवार को कई जगहों पर सामूहिक जनाजे हुए. स्थानीय मौलवी मुफ्ती फजल ने लगातार जनाजे की नमाज अदा की.
सरकार ने दी चेतावनी
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने मृतकों के परिजनों के प्रति शोक जताया है और घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना की है. प्रांतीय मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर ने कहा कि राहत कार्य तेजी से जारी है और सड़कों व अन्य ढांचे की मरम्मत की जा रही है.