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Pakistan News: बलूचिस्तान में पाक सेना पर स्थानीय लोगों के साथ अत्याचार के आरोप लगातार लग रहे हैं. एक बार फिर पाकिस्तानी सेना पर ग्वादर के एक दुकानदार की 14 महीने बाद हत्या का आरोप लगा है. बलूच यकजेहती कमेटी (BYC) ने आरोप लगाया है कि ग्वादर के एक 25 साल के दुकानदार 14 महीने से ज़्यादा समय से गायब था. अब उसकी हत्या कर दी गई है. बलूच यकजेहती कमिटी ने दावा किया है कि इस हत्या के पीछे पाकिस्तानी सेना का हाथ है. BYC ने पीड़ित की पहचान चकर के तौर पर की, जो ग्वादर के बलूच वार्ड का रहने वाला हस्सा बख्श का बेटा था.
BYC संगठन के मुताबिक, चकर को कथित तौर पर 12 मई 2025 को सुबह-सुबह पाकिस्तानी सेना ने एक रेड के दौरान हिरासत में लिया था, जिसके बाद से उसका कोई पता नहीं चला. BYC ने कहा कि चकर के परिवार ने उसकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद में एक साल से ज़्यादा समय तक उसके बारे में जानकारी ढूंढने में बिताया. उसने आरोप लगाया कि बाद में उसकी बॉडी मिली, जिस पर टॉर्चर और अमानवीय बर्ताव के गंभीर निशान थे. BYC के मुताबिक, उसके चेहरे पर गहरी चोट के निशान समेत दिखने वाली चोटों से पता चलता है कि हिरासत के दौरान उसके साथ लंबे समय तक मारपीट की गई थी. संगठन ने आरोप लगाया कि चकर को उसके परिवार को ज़िंदा लौटाने के बजाय, उसे "एक और टॉर्चर की गई लाश" के तौर पर वापस सौंप दिया गया.
BYC ने लगाया पाकिस्तानी सैनिकों पर संगीन इल्जाम
BYC ने इस घटना को ग्वादर और बलूचिस्तान के दूसरे हिस्सों में आम बलूच नागरिकों को निशाना बनाकर किए जाने वाले ज़ुल्म के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा बताया. उसने कहा कि चकर एक युवा दुकानदार था जिसकी रोज़ी-रोटी उसके बिज़नेस चलाने पर निर्भर थी और वह प्रांत में कथित तौर पर ज़बरदस्ती गायब किए जाने का एक और शिकार बन गया था. संगठन ने आगे दावा किया कि पूरे बलूचिस्तान में मछुआरों, छात्रों, मज़दूरों, टीचरों और दुकानदारों को पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने कथित तौर पर ज़बरदस्ती गायब किया है. उसने आरोप लगाया कि कई परिवार लापता रिश्तेदारों को ढूंढने में महीनों या सालों लगा देते हैं और फिर कुछ मामलों में टॉर्चर के निशान वाली लाशें मिलती हैं. इस घटना को बलूचिस्तान में बिगड़ते मानवाधिकार संकट की झलक बताते हुए BYC ने इंटरनेशनल कम्युनिटी से इस स्थिति पर ध्यान देने की अपील की. ग्रुप ने आरोप लगाया कि आम लोगों की बार-बार हत्याओं से पूरे प्रांत में गहरा सदमा पहुंचा है.