Pakistan Rave Party Video: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कसूर जिले में एक रेव पार्टी में पुलिस को रेड डालना भारी पड़ गया. वीडियो वायरल हुआ तो उल्टा पूरी पुलिस टीम को स्पेंड कर दिया गया.
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Pakistan Rave Party Video: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कसूर जिले के एक फार्महाउस में हो रही एक हाई-प्रोफाइल रेव पार्टी इन दिनों काफी सुर्खियों में है. रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय पुलिस ने नशीली दवाओं और नशीले पदार्थों के भारी इस्तेमाल की जानकारी मिलने पर कार्रवाई करते हुए पार्टी पर छापा मारा था, लेकिन ये कार्रवाई पुलिस के लिए मुश्किल का सबब बन गई.
रिपोर्ट्स के मुताबिक हिरासत में लिए गए 55 युवकों में सैन्य अधिकारियों, सुरक्षा बलों और सत्ताधारी नेताओं के बेटे और बेटियां शामिल हैं. नतीजतन, छापेमारी के लिए ज़िम्मेदार पुलिस टीम को निलंबित कर दिया गया है, और यह पता लगाने के लिए जांच चल रही है कि रात का वीडियो सोशल मीडिया पर कैसे लीक हुआ है.
यह घटना पंजाब के सबसे अमीर इलाकों में से एक कसूर के मुस्तफाबाद पुलिस स्टेशन इलाके में एक आलीशान फार्महाउस में हुई है. रिपोर्ट के मुताबिक, रेव पार्टी में युवा पुरुष और महिलाएं शामिल थे, जो ड्रग्स और कई नशीले पदार्थों का इस्तेमाल कर रहे थे.
Pak Army officers & PMLN party leaders kids caught in rave party in Kasur, Pakistan
No burqa, nothing.. pic.twitter.com/a7MgzeGvDl
— Frontalforce (@FrontalForce) April 7, 2025
स्थानीय लोगों की शिकायतों और खुफिया जानकारी के आधार पर मुस्तफाबाद के एसएचओ सकलैन खान ने अपने सीनियर अधिकारियों की इजाजत से छापेमारी की थी. देर रात पुलिस टीम ने फार्महाउस पर छापा मारा, जिसमें भारी मात्रा में ड्रग्स, शराब और अन्य पदार्थ बरामद हुए और 55 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें ज्यादातर युवा थे. नियम के मुताबिक पुलिस ने सबूतों को बनाए रखने के लिए पूरी जगह को फिल्माया.
हालांकि, हालात ने नाटकीय मोड़ तब ले लिया जब रेव पार्टी का वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. फुटेज में नशे में धुत युवकों की हालत और जब्त की गई ड्रग्स साफ दिखाई दे रही थी. रिपोर्ट के मुताबिक, इससे मुस्तफाबाद पुलिस स्टेशन में अफरा-तफरी मच गई और राजनेताओं, सेना के अधिकारियों और सीनियर सुरक्षा अधिकारियों के फोन आने लगे.
दबाव इतना बढ़ गया कि कसूर के जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) ईसा खान को इसमें दखल देना पड़ा और उन्होंने एसएचओ सकलैन खान और जांच अधिकारी को बिना इजाजत के वीडियो बनाने और लीक करने का आरोप लगाते हुए फौरन सस्पेंड कर दिया.
युवकों को किया रिहा
हिरासत में लिए गए युवकों को कथित तौर पर अदालत में पेश किया गया, जहां सबूतों की कमी की वजह से उन्हें रिहा कर दिया गया. सूत्रों से पता चला है कि युवक प्रभावशाली परिवारों से ताल्लुक रखते थे, जिसकी वजह से पुलिस इस मामले पर खुलकर बात करने से बच रही है.