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इजरायली PM नेतन्याहू के हंगरी दौरे पर बवाल, फिलिस्तीन ने की गिरफ्तारी की मांग

Israel PM Hungary Visit : फिलिस्तीन अथॉरिटी ने हंगरी से गुजारिश की है कि गाजा पट्टी पर हो रहे हवाई और जमीनी हमले के मुल्जिम इजारयल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को ICC के अरेस्ट वारंट के तहत गिरफ्तार करे और न्याय के कटघरे में खड़ा करें. 

इजरायली PM नेतन्याहू के हंगरी दौरे पर बवाल, फिलिस्तीन ने की गिरफ्तारी की मांग

Israel PM Hungary Visit : इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में हंगरी के दौरे पहुंचे. इस दौरान फिलिस्तीन अथॉरिटी ने हंगरी से दरखास्त की है कि वह गाजा पट्टी में हो रहे हमलों के मुल्जिम को गिरफ्तार करें. उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय (ICC) के गिरफ्तारी वारंट के तहत दौरे पर आए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को गिरफ्तार करने की गुजारिश की है. 
   
फिलिस्तीन की राजधानी रामल्लाह में स्थित विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है. इसमें उन्होंने कहा, "फिलिस्तीन मंत्रालय की हंगरी सरकार से गुजारिश है कि वह अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय के गिरफ्तारी वारंट का पालन करे और नेतन्याहू को तुरंत न्याय के कटघरे में खड़ा करने के लिए सौंप दे."  

ICC छोड़ने का ऐलान 
विदेश मंत्रालय का यह बयान उस समय आया जब कुछ घंटे पहले हंगरी ने ऐलान किया कि वह ICC से हट रहा है. अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय की शासी निकाय ने हंगरी के ICC छोड़ने के ऐलान पर चिंता जाहिर की है. ICC ने कहा है, "किसी भी देश का ICC से हट जाना न्याय की साझा खोज को नुकसान पहुंचाता है."  

इंसाफ की खोज को धूमिल 
ICC जनरल असेंबली के अध्यक्ष मंडल ने एक बयान में कहा, "जब कोई सदस्य देश रोम संविधि यानी कि ICC से हटता है तो यह हमारी इंसाफ की साझा खोज को धूमिल करता है और दंडमुक्ति के खिलाफ हमारी प्रतिबद्धता को कमजोर करता है."

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एकता इंसाफ के लिए जरूरी 
शासी निकाय यानी कि राज्यों की सभा ने अपने बयान में आगे कहा, "कोर्ट पूरी दुनिया को जवाबदेही की प्रतिबद्धता के केंद्र में है और इंटरनेशनल कम्युनिटी को इसे बिना किसी रिजर्वेशन के सपोर्ट करना चाहिए. इंसाफ के लिए हमारी एकता बेहद जरूरी है."  

ICC छोड़ने पर दौबारा विचार 
शासी निकाय ने हंगरी की तरफ से नरम रुख अपनाने और उसे ICC छोड़ने के फैसले पर दोबारा विचार करने का मौका भी दिया. शासी निकाय ने बयान में कहा, "हर सदस्य देश को महासभा के सामने अपनी परेशानियों को जाहिर करने का पूरा हक है. हम हंगरी से इस मुद्दे पर फिर से चर्चा करने की गुजारिश करते हैं." इसके साथ ही निकाय ने हंगरी से ICC का एक मजबूत सपोर्टर बने रहने की अपील भी की है.

गौरतलब है कि हंगरी ने यह ऐलान ऐसे वक्त में किया, जब प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बान ने नेतन्याहू की मेजबानी की है.

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