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Syria News: पिछले दिनों इजरायल ने सीरिया पर भीषण बमबारी शुरू कर दी थी और इजरायली मंत्री सीरिया के अंतरिम राष्ट्रपति मोहम्मद जोलानी की हत्या करने की मांग कर रहे थे. हालांकि इजरायल ने फिलहाल बमबारी बंद कर दी है. इसी कड़ी में सीरिया के विदेश मामलों के प्रमुख और इजरायल के वरिष्ठ अधिकारी के बीच एक बैठक हुई है. इस बैठक में दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को खत्म करने और स्थिरता बनाए रखने पर चर्चा हुई है.
दरअसल, फ्रांस की राजधानी पेरिस में एक बैठक के दौरान इजरायली अधिकारी और सीरियाई सरकार में विदेश मामलों के प्रमुख असद हसन अल-शिबानी ने दक्षिणी सीरिया में तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा की. बता दें कि जुलाई के महीने में सीरिया के दक्षिणी इलाके के स्वेदा शहर में सीरियाई सैनिकों और द्रूज़ कबीले के बीच हिंसक संघर्ष शुरू हो गई थी. इस चीज का फायदा उठाते हुए इजरायल ने सीरिया की राजधानी दमिश्क समेत कई इलाकों में भीषण बमबारी शुरू कर दी थी.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पेरिस में हुई इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच सीरिया के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने और वर्ष 1974 के उस समझौते को फिर से लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया, जो दशकों से सीमा पर लागू है.
क्या है 1974 का डिसएंगेजमेंट समझौता
मिस्र, सीरिया, इराक, जॉर्डन, सऊदी अरब, मोरक्को, लीबिया समेत कई अरब मुल्कों ने वर्ष 1974 में इजरायल पर हमला बोल दिया था. इस जंग में इजरायल को हमेशा की तरह अमेरिका और यूरोपीयन देशों से मदद मिली. इस जंग में अरब देशों की हार हुई और इजरायल ने सीरिया का गोलान हाइट्स (एक पहाड़ी इलाके का नाम) पर कब्जा कर लिया.
आखिर में अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने सीरिया और इजरायल के बीच समझौता करवाया. इसी समझौते को डिसएंगेजमेंट समझौता बोला जाता है. इस समझौते के तहत दोनों देशों की सेना को पीछे हटने को कहा गया और वह इलाका संयुक्त राष्ट्र के कंट्रोल में दे दिया गया. हालांकि अभी भी गोलान हाइट्स के ज्यादातर हिस्से पर इजरायल का कब्जा है. इसी समझौते के तहत इजरायल ने जंग के दौरान कब्जाए गए कुछ सीरियाई क्षेत्र (जैसे कुनैतरा शहर) सीरिया को लौटाए.