Iran Supreme Leader Funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर के आखिरी रसूमात में बड़ी संख्या में लोग लाल झंडे लेकर शामिल हुए. आखिर लोग लाल झंडे लेकर आखिरी रसूमात में क्यों शामिल हो रहे हैं. जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें.
1/7ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के आखिरी रसूमात जारी है.इस दौरान तेहरान में बड़ी संख्या में लोग लाल झंडे लिए हुए दिखाई दे रहे हैं.
2/7लगभग 10 किलोमीटर लंबी सड़क के दोनों ओर आम लोगों की भीड़ जमा हो गई है. कुछ लोग गहरे दुख में डूबे हैं और लाखों लोगों की आंखों में आंसू हैं.
3/7आखिरी रसूमात के जुलूस मशहूर 'एंगहेलाब स्क्वायर' से होकर गुजरेगा. यहां 'फिस्ट ऑफ़ रेजिस्टेंस' नाम की एक विशाल मूर्ति लगी है. यह मूर्ति इस आंदोलन का एक अहम प्रतीक है, जिस पर यह नारा लिखा है, "हमें उठ खड़ा होना होगा."
4/7सरकार के वफादार समर्थकों के बीच एक और नारा लगातार गूंज रहा है, "अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों में मारे गए सुप्रीम लीडर की हत्या का बदला लो."
5/7भीड़ में बदले की भावना के प्रतीक के तौर पर लाल झंडे साफ दिखाई दे रहे हैं और कई पोस्टर खास तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को संबोधित हैं.
6/7आखिरी रसूमात के जुलूस की तस्वीरों में कुछ शोक मनाने वाले ट्रंप-विरोधी पोस्टर और बैनर लिए हुए दिख रहे हैं, जिनमें से कुछ पर जान से मारने की धमकियां भी लिखी हैं.
7/7इन बैनरों पर नेतन्याहू और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के खिलाफ भी नारे लिखे हैं. अर्ध-सरकारी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में शोक मनाने वाले एक पुल से अमेरिकी राष्ट्रपति के पोस्टर पर पत्थर फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं.