)
Pakistan Journalist Attacked: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) में कथित अत्याचारों और इंटरनेट ब्लैकआउट को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, इस्लामाबाद पुलिस ने नेशनल प्रेस क्लब पर धावा बोला और कई पत्रकारों पर हमला किया. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने यह छापा आजाद जम्मू कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी के जरिए बुलाए गए विरोध प्रदर्शन की कवरेज कर रहे कश्मीरी पत्रकारों को गिरफ्तार करने के लिए मारा गया था.
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पुलिसकर्मी लाठियों से लैस होकर प्रेस क्लब के कैफेटेरिया में घुसते और वहां बैठे लोगों पर हमला करते दिख रहे हैं. एक दूसरी वीडियो में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को घसीटकर बाहर ले जाते दिखाई दे रहे हैं. इसके साथ ही सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रहा ही, जिसमें एक पुलिसकर्मी एक कैमरा पकड़े एक पत्रकार का कॉलर पकड़े हुए है.
एशिया वन चैनल के पत्रकार अनस मलिक ने डॉन को बताया कि पुलिस प्रेस क्लब में कश्मीर से आए पत्रकारों को गिरफ्तार करने आई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मी "गुंडों की तरह बर्ताव" कर रहे थे. सीनियर पत्रकार हामिद मीर ने कहा कि पुलिस JAAC के मेंबर्स को गिरफ्तार करना चाहती थी, लेकिन उसने कैफेटेरिया में मौजूद पत्रकारों को निशाना बनाया.
Islamabad police brutally beating Kashmiri Journalists in side Islamabad Press Club. This is happening in front of media, now just imagine what they are doing in Pakistan administered Kashmir where there is complete communication blackout.#RightsMovementAJK #KashmirisUnderAttck pic.twitter.com/kNyJyVmJiE
— Sohaib Khan (@iamsardarsohaib) October 2, 2025
यह छापा गुरुवार को उस वक्त हुआ जब POKसे आए लोग प्रेस क्लब के बाहर कथित अत्याचारों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. पाकिस्तान टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने पत्रकारों को प्रदर्शनकारी समझकर उन पर हमला कर दिया.
पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (HRCP) ने पत्रकारों पर बल प्रयोग करने की कड़ी निंदा की है और घटना की जांच की मांग की है. मामले पर बढ़ते आक्रोश के बीच, पाकिस्तान के होम मिनिस्टर मोहसिन नक़वी ने जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने इस "दुर्भाग्यपूर्ण" घटना का संज्ञान लिया है और इस्लामाबाद पुलिस महानिरीक्षक से रिपोर्ट मांगी है.