)
Ramadan 2026: पूरी दुनिया के मुसलमान रमजान की तैयारियों में मसरूफ हैं. इस बीच पाक रमजान की शुरुआत को लेकर यूएई से बड़ी अपडेट सामने आई है, जिसने यह साफ कर दिया है कि पाक महीने का आगाज किस दिन होना लगभग तय माना जा रहा है. दुबई समेत पूरे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रमजान साल के सबसे महत्वपूर्ण महीनों में से एक होता है, जब मुसलमान रोजा रखते हैं और सुबह (फज्र) से शाम (मगरिब) तक खाने-पीने से परहेज करते हैं.
UAE स्थित इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर (IAC) ने बताया है कि मंगलवार (17 फरवरी) को अरब और इस्लामिक देशों में रमजान का चांद देखना 'नामुमकिन' होगा. खगोलविदों के मुताबिक उस दिन चांद का दीदार किसी भी हालत में नहीं किया जा सकेगा. इसका मतलब यह है कि रमजान से पहले आने वाला इस्लामी महीना शाबान 30 दिनों का होने की पूरी संभावना है. ऐसे में यह भी साफ है कि बुधवार (18 फरवरी) से रमजान के शुरू होने की संभव नहीं है.
अगर शाबान 30 दिन का रहता है, तो फिर गुरुवार (19 फरवरी) को रोजे के महीने यानी रमजान का पहला दिन होने की संभावना मानी जा रही है. इस्लामी हिजरी कैलेंडर के मुताबिक, किसी भी नए महीने की शुरुआत नए हिलाल (चांद) के दिखाई देने से होती है. इसी वजह से अलग-अलग क्षेत्रों में चांद दिखने के समय में अंतर होने पर महीनों की शुरुआत में थोड़ा फर्क भी देखने को मिलता है.
17 फरवरी को अरब दुनिया में रमजान का क्यों नहीं दिखेगा चांद?
इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर के मुताबिक, अरब और इस्लामिक दुनिया के सभी हिस्सों में 17 फरवरी को रमजान का चांद देखना बेहद मुश्किल ही नहीं, बल्कि पूरी तरह असंभव होगा. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर खगोलविदों ने बताया कि उस दिन न्यू मून के बाद चांद के हिलाल (क्रिसेंट) बनने के लिए पर्याप्त समय ही नहीं मिलेगा. इसी वजह से चांद न तो नंगी आंखों से और न ही किसी ऑप्टिकल उपकरण से देखा जा सकेगा.
खगोलविदों ने तर्क दिया कि चूंकि हिलाल चाद, चंद्रमा के डिस्क के निचले हिस्से पर होता है. इसलिए यहां चांद के डूबने का समय भी लूनर डिस्क के निचले किनारे के आधार पर निकाला गया है, जबकि आमतौर पर ऊपरी किनारे को आधार बनाया जाता है. यूएई में स्थिति यह रहेगी कि चांद, सूर्यास्त होने से एक मिनट पहले ही डूब जाएगा.
इस दिन दोपहर में होगा सूर्य ग्रहण
अबू धाबी स्थित इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमी सेंटर के मुताबिक, अत्याधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों के इस्तेमाल से भी 17 फरवरी को चांद को देख पाना मुमकिन नहीं होगा. एक्स (पहले ट्विटर) पर जारी एक पोस्ट में IAC ने कहा, "यह और स्पष्ट करने के लिए कि मंगलवार को अरब क्षेत्र से हिलाल दिखाई नहीं देगा, उसी दिन दोपहर बाद एक वलयाकार सूर्य ग्रहण (Annular Solar Eclipse) भी होगा, जो दक्षिणी अफ्रीका और अंटार्कटिका से दिखाई देगा."
IAC के मुताबिक, "यह सूर्य ग्रहण दुनिया के पूर्वी और मध्य हिस्सों में सूर्यास्त के समय के साथ होगा और इसका प्रभाव एशिया के पश्चिमी हिस्सों तक देखा जा सकेगा. सूर्य ग्रहण एक दृश्यमान संयोग (Visible Conjunction) होता है, जिसे नंगी आंखों से देखा जा सकता है और यह इस बात का प्रमाण है कि उस समय या उसके कुछ घंटों बाद तक रमजान का हिलाल दिखाई नहीं दे सकता है."