Sudan Conflict: सूडान में RSF ने कोर्डोफन स्थित आर्मी बेस पर कब्जे का दावा किया, जिसे सूडान की सेना ने झूठ बताया. दोनों पक्ष अड़े हैं, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका गई बताई जा रही है.
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Sudan Conflict: सूडान की पैरामिलिट्री रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) ने 1 दिसंबर को दावा किया कि उसने कोर्डोफन में बाबानुसा पर कब्जा कर लिया है, लेकिन आज ( 2 दिसंबर ) सेना ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि विद्रोही झूठ बोल रहे हैं. 1 दिसंबर को एक बयान में RSF ने कहा था कि वेस्ट कोर्डोफन राज्य में बाबानुसा को 'आजाद' कर लिया गया है और दावा किया कि उसने सूडानी सेना के 'सरप्राइज अटैक' को नाकाम कर दिया है, जो "सीज़फ़ायर का साफ़ उल्लंघन" था.
स्थानीय मीडिया हाउस सूडान ट्रिब्यून ने बताया कि आरएसएफ के फील्ड कमांडरों और उनका साथ दे रहे राजनीतिक दल सूडान फाउंडिंग अलायंस (टीएएसआईएस) ने बयान जारी कर कहा कि उन्होंने बेस और पास के 89वें ब्रिगेड कमांड को “आजाद” करा लिया है. रॉयटर्स के अनुसार मंगलवार को सेना ने इस बात से इनकार किया कि आरएसएफ ने पूरे शहर पर कब्जा कर लिया है और आरएसएफ कमांडर मोहम्मद हमदान डागालो पर सीजफायर के बावजूद हमले जारी रखने का आरोप लगाया.
एक बयान में सेना ने कहा कि आरएसएफ ने शहर पर रोज हथियारों से और ड्रोन हमले किए थे. सैनिकों ने सोमवार को एक नए हमले को नाकाम कर दिया था. हालांकि सेना के दावे की कोई पुष्टि नहीं हो पाई है. सेना ने आरएसएफ की हरकतों को विदेशी समर्थन पाने की एक सियासी चाल बताकर खारिज कर दिया. 19 नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह अप्रैल 2023 से शुरू हुए झगड़े को रोकने की कोशिश करेंगे.
सीजफायर प्लान हुआ फेल
अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और सऊदी अरब, जिन्हें क्वाड के नाम से जाना जाता है. उन्होंने नवंबर की शुरुआत में तीन महीने के संघर्ष विराम और उसके बाद शांति वार्ता की योजना को पेश किया था. आरएसएफ ने जवाब में कहा कि उसने प्लान मान लिया है, लेकिन इसके तुरंत बाद उसने ड्रोन हमलों की बौछार से सेना के इलाके पर हमला कर दिया.
बाबानुसा पर आरएसएफ का हमला अक्टूबर में दारफुर में सेना के आखिरी ठिकाने अल-फशीर पर कब्जा करने के बाद ग्रुप की बढ़ती ताकत को दर्शाता है.