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Saudi News: कतर पर इजरायली हमले के बाद अरब के सभी देश अपनी संप्रभुता और सुरक्षा को लेकर चिंता में हैं. भविष्य के खतरे को ध्यान में रखते हुए सऊदी अरब ने एक बड़ा फैसला लिया है. सऊदी अरब और पाकिस्तान ने एक पारस्परिक सुरक्षा समझौता पर हस्ताक्षर किया है. पहले अरब के ज्यादातर देश अपनी सुरक्षा के लिए अमेरिका पर निर्भर थे और अभी भी इन देशों में अमेरिकन सैनिक मौजूद हैं. इस समझौता से साफ मालूम होता है कि अमेरिका के ऊपर से अरब देशों का भरोसा खत्म हो रहा है.
दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते के मुताबिक अगर सऊदी या पाकिस्तान किसी पर भी दूसरा देश हमला करता है तो उसे दोनों देशों पर हमला माना जाएगा और दोनों देश मिलकर एक-दूसरे की सुरक्षा करेंगे.
दरअसल, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार (17 सितंबर) को सऊदी अरब पहुंचे. सऊदी अरब के हवाई सीमा में उनका स्वागत सऊदी के युद्धक विमानों ने किया. सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच रियाद में एक बैठक हुई. इस दौरान दोनों पक्षों ने संयुक्त रणनीतिक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए.
कतर पर इजरायली हमले के बाद अमेरिका पर से अरब देशों का विश्वास खत्म हो रहा है. क्योंकि कतर में मिडिल ईस्ट का सबसे बड़ा सैन्य ठिकाना होने के बावजूद इजरायल ने हमला कर दिया और अमेरिकन सैनिक उन हमलों को रोक नहीं सके. लोगों का कहना है कि इजरायली हमले के बारे में अमेरिका को पहले से मालूम था, लेकिन अमेरिका ने कतर से ज्यादा इजरायल को प्रथमिकता दी और हमले को नहीं रोका.