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Zee SalaamMuslim WorldIsrael पर सऊदी अरब के पूर्व खुफिया चीफ का बड़ा बयान, मुस्लिम देशों को चेताया

Israel पर सऊदी अरब के पूर्व खुफिया चीफ का बड़ा बयान, मुस्लिम देशों को चेताया

Saudi Arabia Prince Big Statement: सऊदी अरब के पूर्व खुफिया चीफ प्रिंस तुर्की अल फ़ैसल का बड़ा बयान आया है. उन्होंने कहा है कि इलाके के लिए इजराइल बहुत बड़ी दिक्कत बन गया है. उन्होंने इसे ईरान से बड़ी समस्या बताया है. 

Israel पर सऊदी अरब के पूर्व खुफिया चीफ का बड़ा बयान, मुस्लिम देशों को चेताया

Saudi Arabia Prince Big Statement: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब के पूर्व खुफिया चीफ प्रिंस तुर्की अल फ़ैसल ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि इज़राइल इस वक्त इलाके का सबसे बड़ा समस्या पैदा करने वाला देश बन चुका है, और यह अब ईरान से भी ज्यादा खतरनाक हो गया है.

क्या बोले प्रिंस तुर्की अल फैसल?

प्रिंस तुर्की, जो सऊदी अरब की जनरल इंटेलिजेंस डायरेक्टरेट के प्रमुख रह चुके हैं और एक अनुभवी राजनयिक हैं, ने यह टिप्पणी मिल्केन इंस्टीट्यूट के मिडिल ईस्ट एंड अफ्रीका समिट के एक पैनल में की है. उनकी यह बात खाड़ी देशों की बदलती सुरक्षा सोच को दर्शाती है, खासकर मौजूदा संघर्षों के बीच,

इतने हमले करने वाला देश कैसे हो सकता है शांति दूत?

उन्होंने कहा कि इज़राइल की लगातार सैन्य गतिविधियां इलाके में अस्थिरता बढ़ा रही हैं. उनके मुताबिक, सीरिया पर लगभग रोजाना बमबारी करने वाला, ग़ज़ा और वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों पर हमले करने वाला और लेबनान में भी हमले करने वाला, जहां सीजफायह लागू है. ऐसा देश शांति का दूत कैसे हो सकता है?

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एक अहम घटना का किया जिक्र

प्रिंस तुर्की ने एक अहम घटना का भी जिक्र किया. सितंबर 2025 में दोहा, क़तर में हमास प्रतिनिधिमंडल पर इज़राइली एयरस्ट्राइक हुई थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका की सुरक्षा गारंटी के बावजूद एक GCC देश पर हमला एक खतरे की घंटी है और इससे खाड़ी देशों को अपने रक्षा सहयोग को और मजबूत करना चाहिए.

इजराइल का दोहरा मापदंड

उन्होंने पश्चिमी देशों पर परमाणु मुद्दे पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा,"हमारे क्षेत्र में पहले से ही एक परमाणु हथियार वाला देश मौजूद है. इज़राइल.लेकिन कोई उसके बारे में बात नहीं करता. उनका सुझाव था कि अगर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाता है, तो सऊदी अरब को भी अपना परमाणु रक्षा विकल्प गंभीरता से सोचना चाहिए.

विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान खाड़ी देशों की रणनीति में बड़े बदलाव को दर्शाता है. कहा जा रहा है कि सीरिया में हाल के राजनीतिक बदलावों के बाद ईरान का प्रभाव कम हुआ है. जबकि इज़राइल की सीमापार सैन्य कार्रवाई बढ़ रही है. इस वजह से खाड़ी देशों की पारंपरिक खतरा-मूल्यांकन नीति बदल रही है.

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Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

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