Saudi Arabia Sandstorm 2025: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में भीषण रेतीला तूफान, सड़कों पर सन्नाटा है. किंगडम टावर और ऊंची इमारतें धूल में छुपी हुई है. गाजा पर खामोशी और अमेरिका-इजरायल नजदीकी को लेकर सऊदी हुकूमत पर मुस्लिम दुनिया का गुस्सा है.
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Saudi Arabia Sandstorm 2025: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में 3 मई को एक भीषण रेतीले तूफान ने शहर को अपनी गिरफ्तर में ले लिया. देखते ही देखते रियाद की मशहूर स्काईलाइन धूल की मोटी चादर में छुप गई और जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया. सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, गाड़ियां थम गईं और लोग घरों में कैद हो गए. धूल भरी आंधी इतनी तेज थी कि शहर में विजिबिलिटी जीरो हो गई. साथ ही किंगडम टावर और अल-फैसलिया टावर जैसी ऊंची इमारतें भी धूल के गुबार में ओझल हो गईं.
सऊदी में रेतीले तूफ़ान की वजह से कई उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और एयरपोर्ट पर उड़ानों में देरी हुई. इतना ही नहीं कई जगहों पर सार्वजनिक कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए. इसके साथ ही कई शहरों में स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को चेतावनी जारी की है और सभी से घर पर रहने की अपील की है.
स्वास्थ्य विभाग ने की लोगों से ये अपील
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को घरों में रहने और मास्क पहनने की सलाह दी है, ताकि सांस संबंधी समस्याओं से बचा जा सके. अस्पतालों में दमा और एलर्जी के मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई गई है. यह रेतीले तूफान सिर्फ रियाद तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि जाज़ान, असीर, अल-बाहा, मक्का और अल-क़सीम जैसे इलाकों में भी तबाही मचाती रही. वहां भी सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही थम गई, निर्माण कार्य रोक दिए गए और आपातकालीन टीमें हाई अलर्ट पर रहीं
जानें एक्सपर्ट्स ने क्या कहा?
वहीं, मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटे तक धूल भरी हवाओं का असर बना रह सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह मौसमीय बदलाव और रेगिस्तानी हवाओं की वजह से हर साल इस मौसम में ऐसी आंधियां आती हैं, लेकिन इस बार इसकी तीव्रता बेहद ज्यादा है. स्थानीय प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों से एहतियात बरतने की अपील कर रहा है.
पिछले साल बाढ़ से मचा था हाहाकार
गौरतलब है कि सऊदी अरब में पिछले साल भीषण बारिश और बाढ़ ने कई इलाकों में तबाही मचा दी थी. सड़कों पर पानी भर गया था, गाड़ियां बह गईं और लोगों का जनजीवन पूरी तरह ठप हो गया था. इस आपदा के बीच किंग मोहम्मद बिन सलमान (MBS) की नीतियों और व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त नाराज़गी देखने को मिली थी. लोग सवाल उठा रहे हैं कि अरब जैसे अमीर देश में बाढ़ से निपटने के लिए पुख़्ता इंतज़ाम क्यों नहीं था. प्रशासनिक लापरवाही और अनदेखी पर किंग MBS को जमकर घेरा जा रहा था. एक बार फिर किंग सलमान के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया जा रहा है.
अल्लाह का अजाब है- मुस्लिम समुदाय के लोग
वहीं, सऊदी अरब में रेतीले तूफान आने के बाद दुनियाभर के मुसलमान अल्लाह का अजाब बता रहे हैं. लोगों का दावा है कि सऊदी के सुल्तान गाजा के मुद्दे पर खामोश हैं. वहीं, मुस्लिम समुदाय का एक बड़ा तबका सोशल मीडिया और मज़हबी बैठकों में इसे अल्लाह का अजाब करार दे रहा है. लोग कह रहे हैं कि जब बेगुनाहों पर जुल्म हो और बड़ी ताकतें चुप रहें, तो कुदरत भी अपना ग़ज़ब दिखाती है. गाज़ा की खुलकर मदद न करने और अमेरिका-इजरायल के नज़दीक जाने पर भी सऊदी हुकूमत की आलोचना तेज़ हो गई है.