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बीमार और कमज़ोर लोगों के लिए सऊदी सरकार ने बंद किया 'हज के दरवाजे': एयरपोर्ट से ही कर दिए जाएंगे वापस

Saudi Govt New Medical Conditions for Hajj 2026: सऊदी सरकार के नए मेडिकल नियमों ने दुनियाभर के कई मुसलमानों को चिंता में डाल दिया है. बीमार हाजियों पर रोक, डिपोर्ट पॉलिसी और डॉक्टरों पर कार्रवाई जैसे फैसलों से हज 2026 पहले से कहीं ज्यादा सख्त और चुनौतीपूर्ण हो गया है. आइये समझते हैं कि हज के लिए किन लोगों पर प्रतिबंध रहेगा.

 

हज के लिए सऊदी सरकार ने तय किए नए नियम (फाइल फोटो)
हज के लिए सऊदी सरकार ने तय किए नए नियम (फाइल फोटो)

Hajj 2026 News: सऊदी सरकार ने हज 2026 को लेकर बड़ा फैसला किया है. इस फैसले के बाद दुनियाभर के मुसलमानों के सामने पशोपेश की स्थिति पैदा हो गई है. दरअसल, सऊदी सरकार ने ऐसे आजमीन के हज पर जाने पर रोक लगा दी है, जो बीमार है. इतना ही नहीं बीमार आजमीन के लिए डिपोर्ट करने की सख्त पॉलिसी भी लागू की गई है. इस फैसले के बाद दुनियाभर में एक हज को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है. 

सऊदी मंत्रालय ने कहा है कि अगर कोई हाजी बीमारी की हालत में पाया जाता है, तो उसे तुरंत वापस उसके देश भेज दिया जाएगा और वापसी का पूरा खर्च हाजी को खुद उठाना पड़ेगा. सऊदी मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि बीमार हाजियों को फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने वाले डॉक्टरों पर भी कार्रवाई की जाएगी. यानी अगर कोई डॉक्टर गलत तरीके से किसी बीमार शख्स को फिट घोषित करके भेजता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी.

हज के लिए क्या हैं नए नियम और शर्तें?

नए आदेश के तहत सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने हज 2026 के लिए कई सख्त मेडिकल कंडीशन लागू किए हैं. नए नियमों के तहत सिर्फ जिस्मानी तौर पर पूरी तरह से सक्षम और सेहतमंद लोगों को ही हज करने की इजाजत दी जाएगी. पहली शर्त के मुताबिक, किडनी के मरीज, खासतौर पर जो डायलिसिस पर निर्भर हैं, उन्हें हज करने की इजाजत नहीं मिलेगी. मंत्रालय का कहना है कि ऐसे मरीजों के लिए लंबा सफर और भीड़भाड़ जोखिम भरा साबित हो सकती है.

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इसी तरह दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित वे लोग, जो किसी भी तरह का मेहनती काम नहीं कर सकते, उन पर भी हज के लिए पाबंदी लगा दी गई है. मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हज की प्रक्रिया शारीरिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होती है. फेफड़ों और जिगर की बीमारियों वाले मरीजों को भी हज में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है. इन बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए लंबे समय तक भीड़ और बदलते मौसम में रहना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है.

सऊदी सरकार ने यह भी कहा कि गंभीर न्यूरोलॉजिकल या मानसिक बीमारियों, गंभीर विकलांगता, डिमेंशिया या कमजोर याददाश्त वाले लोगों को भी हज की इजाजत नहीं दी जाएगी. इसके अलावा बेहद बुजुर्ग, अल्ज़ाइमर या कंपकंपी से परेशान मरीजों पर भी प्रतिबंध लागू रहेगा. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, गर्भवती औरतें, काली खांसी, टीबी (तपेदिक) और वायरल हेमरेजिक फीवर जैसे संक्रामक रोगों से पीड़ित लोग भी हज में शामिल नहीं हो सकेंगे. 

मेडिकल अधिकारियों की बढ़ी भूमिका

इसी तरह कैंसर के मरीजों को भी इस बार की हज यात्रा में शामिल होने की इजाजत नहीं दी जाएगी, क्योंकि ऐसे मरीजों के लिए हज का सफर उनकी सेहत पर बुरा असर डाल सकती है. सऊदी मजहबी मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, हज पर जाने से पहले मेडिकल अफसर को यह अधिकार होगा कि वह किसी भी बीमार हाजी को से रोक सके. मेडिकल अधिकारी पूरी जांच के बाद ही किसी हाजी को सफर की इजाजत देगा.

सऊदी मंत्रालय ने बताया कि हाजियों के फिटनेस सर्टिफिकेट के वेरिफिकेशन करने के लिए सऊदी अधिकारियों की मॉनिटरिंग टीमें नियुक्त होंगी. वे जांच करेंगी कि सर्टिफिकेट सही है या नहीं. सऊदी सरकार ने कहा है कि सिर्फ वही हाजी हज पर रवाना होंगे जो निर्धारित बेसिक हेल्थ स्टैंडर्ड्स को पूरा करते हों, ताकि सफर और हज के दौरान किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या न पैदा हो.

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Raihan Shahid

रैहान शाहिद का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से हैं. वह पिछले पांच सालों से दिल्ली में सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. Zee न्यूज़ से पहले उन्होंने ABP न्यूज़ और दू...और पढ़ें

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