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Afghanistan Minister in India: अफगानिस्तान के हिंदू और सिख समुदायों के डेलिगेशन ने सोमवार को तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री मौलाना अमीर खान मुत्ताकी से मुलाकात की और अफगानिस्तान में मौजूद गुरुद्वारों व मंदिरों की मरम्मत और सेफ्टी की मांग की. उन्होंने प्रशासन में अल्पसंख्यकों को प्रतिनिधित्व देने की भी अपील की. यह बैठक नई दिल्ली में स्थित अफगानिस्तान दूतावास में हुई.
इस दौरान डेलिगेशन ने मज़हबी मकामात के रेनोवेशन की मांग की. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अफगानिस्तान में कई गुरुद्वारों और मंदिरों की दीवारें क्षतिग्रस्त हैं और मरम्मत की ज़रूरत है. डेलिगेशन में शामिल एक शख्स ने बताया कि हमने यह भी गुजारिश की है कि सरकार में अल्पसंख्यक समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया जाए. कम से कम एक शख्स हिंदू समुदाय से और एक शख्स सिख समुदाय से सरकार में शामिल किया जाए."
तालिबान की सत्ता वापसी के बाद कई अल्पसंख्यक समुदायों ने अफगानिस्तान छोड़ दिया था. करीब 350 सिखों को भारत में पुनर्वास (repatriation) उड़ानों के ज़रिए लाया गया था. तालिबान के सत्ता में आने से पहले अफगानिस्तान में सिख धार्मिक स्थलों पर कई हमले हुए, जिनमें जून 2021 में काबुल के कार्ते परवान गुरुद्वारे पर हुआ हमला सबसे बड़ा था, जिसमें 50 लोगों की मौत हो गई थी.
मुत्ताकी ने समुदाय के प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि तालिबान सरकार गुरुद्वारों के रेनोवेशन, अल्पसंख्यकों की संपत्ति अधिकारों की रक्षा और धार्मिक स्थलों की सुरक्षा में सहयोग करेगी. डेलिगेशन के मेंबर्स ने बताया कि तालिबान मंत्री ने उन्हें अफगान धार्मिक स्थलों का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया और वीजा में पूरी मदद का वादा किया.