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Zee SalaamMuslim WorldPakistan News: रमजान से पहले TTP के आतंकियों ने पाकिस्तान को दहलाया, 8 की मौत

Pakistan News: रमजान से पहले TTP के आतंकियों ने पाकिस्तान को दहलाया, 8 की मौत

Pakistan News: खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जुल्फिकार हमीद ने बताया कि पुलिस को संदेह है कि इस हमले को आत्मघाती बम हमलावर के जरिए अंजाम दिया गया और हमीदुल हक ही निशाने पर थे.

Pakistan News: रमजान से पहले TTP के आतंकियों ने पाकिस्तान को दहलाया, 8 की मौत

Pakistan News: पाकिस्तान के सबसे राज्य खैबर पख्तूनख्वा में एक मदरसे में जुमे के दौरान भारी विस्फोट हुआ था. इस विस्फोट में मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है. अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि 17 लोग जख्मी हुए हैं. पुलिस ने यह जानकारी आज यानी 1 मार्च को दी है.

मुख्य सचिव शाहब अली शाह ने तस्दीक कर बताया कि ‘दारुल उलूम हक्कानिया’ नामक मदरसे में यह विस्फोट हुआ है, जिसमें जमीयत उलेमा इस्लाम (सामी समूह) के प्रमुख और नौशेरा जिले के अकोरा खट्टक में मौजूद मदरसा-ए-हक्कानिया की देखरेख करने वाले हमीदुल हक हक्कानी की मौत हो गई. जबकि 17 दूसरे व्यक्ति घायल हो गए. 

पुलिस ने क्या कहा?
खैबर पख्तूनख्वा के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) जुल्फिकार हमीद ने बताया कि पुलिस को संदेह है कि इस हमले को आत्मघाती बम हमलावर के जरिए अंजाम दिया गया और हमीदुल हक ही निशाने पर थे. अधिकारी ने बताया कि यह हमला उस दौरान हुआ था जब हामिद उल हक अपने साथियों के साथ घर जा रहे थे. 

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क्यों हुआ हमला
सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि हक्कानी पर यह हमला ऐसे समय में हुआ जब ‘इस्लामिक स्कॉलर्स एसोसिएशन’ के एक सम्मेलन में उन्हें इसलिए धमकी दी गई थी, क्योंकि उन्होंने कहा था कि लड़कियों की शिक्षा को रोकना इस्लामी शिक्षाओं के खिलाफ है. जराए ने बताया कि इस हमले के मुख्य सरगना की पहचान कर ली गई है और उसके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

हमलावर की हो गई है पहचान
सुरक्षा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इनका किसी धार्मिक संस्था से कोई संबंध नहीं है. हमीदुल हक के पिता मौलाना समी उल हक की मौत हो जाने के बाद उन्हें जेयूआई (सामी समूह) का प्रमुख बनाया गया था. उनका जन्म 1968 में हुआ था. दारुल उलूम हक्कानिया मदरसा सुन्नी इस्लाम के हनफी देवबंदी विचार का प्रचार करता है.

तालिबान का अड्डा है यह मदरसा
मौलाना अब्दुल हक ने भारत के दारुल उलूम देवबंद मदरसा की तर्ज पर ही उक्त मदरसे की स्थापना की थी. दारुल उलूम हक्कानिया मदरसे की शिक्षण पद्धति की विषय-वस्तु के कारण इसे ‘‘जिहाद का विश्वविद्यालय’’ कहा जाता है. तालिबान के पूर्व प्रमुख अख्तर मंसूर सहित आतंकी संगठन के कई प्रमुख सदस्यों ने इस मदरसे में पढ़ाई की है.

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