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South Sudan Oil Exports: साउथ सूडान ने ऐलान किया है कि ड्रोन हमलों के कारण रुके कच्चे तेल के परिवहन और निर्यात को एक बार फिर पूरी तरह बहाल कर दिया गया है. पिछले सप्ताह सूडान की सीमा के पास स्थित प्रमुख तेल प्रसंस्करण संयंत्रों पर हुए हमलों के बाद आपात स्थिति में सभी परिचालन रोक दिए गए थे.
साउथ सूडान के पेट्रोलियम मंत्रालय के अंडरसेक्रेटरी डेंग लुआल वोल ने जूबा में पत्रकारों को बताया कि देश के सभी तेल क्षेत्रों में गतिविधियां सामान्य हो गई हैं और पाइपलाइनों के जरिये कच्चा तेल दोबारा रेड सी पर स्थित पोर्ट सूडान तक भेजा जा रहा है. उन्होंने कहा, “हम पुष्टि करते हैं कि साउथ सूडान से कच्चे तेल का प्रवाह अब सामान्य है और पाइपलाइन के ज़रिये तेल समुद्री टर्मिनल तक पहुंच रहा है.” पिछले हफ्ते तेल उत्पादन उस समय बाधित हो गया था जब सूडान में चल रहे गृहयुद्ध के दौरान रैपिड सपोर्ट फोर्सेस (RSF) ने ड्रोन से दक्षिण सूडान की तेल आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाया. पहला हमला हेग्लिग तेल संयंत्र पर हुआ, जहां रखरखाव कार्यशाला और प्रयोगशाला को निशाना बनाया गया था. इस हमले में एक कर्मचारी की मौत हो गई.
15 नवंबर को दूसरा ड्रोन हमला अल जबालिन तेल प्रसंस्करण साइट और उसके पावर प्लांट पर हुआ.
दोनों हमलों के बाद तेल कंपनियों ने उत्पादन को कुछ समय के लिए रोक दिया था. डेंग लुआल वोल ने कहा, “हम जनता को भरोसा दिलाते हैं कि पेलोच, यूनिटी और थारजियाथ तेल क्षेत्रों में काम सामान्य हो गया है.” उन्होंने बताया कि दक्षिण सूडान और सूडान के तकनीकी दलों ने तुरंत कार्रवाई कर नुकसान को कम से कम किया और महत्वपूर्ण तेल ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित की.
अंतरराष्ट्रीय सहयोग की कोशिश
मंत्रालय ने यह भी पुष्टि की कि दोनों देशों के नेता एक तीसरे देश के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि RSF आगे किसी भी तेल ढांचे पर हमला न कर सके. तेल पाइपलाइन और निर्यात गलियारा दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है. वोल ने कहा, “एक स्थल-रुद्ध देश होने के नाते, साउथ सूडान को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री बंदरगाहों तक पहुंच का अधिकार है. इसलिए इन मार्गों की सुरक्षा अनिवार्य है.”