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Islamophobia in Australia: गज़ा में इजरायली सरकरा द्वारा जंग के ऐलान के बाद ऑस्ट्रेलिया में मुसलमानों के खिलाफ हिंसा और नफरत में भारी बढ़ोतरी हुई है. ऑस्ट्रेलियाई सरकार द्वारा नियुक्त विशेष दूत आफताब मलिक ने बीते शुक्रवार को एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें यह बताया गया कि ऑस्ट्रेलिया में गज़ा-इजरायल जंग के दौरान इस्लामोफोबिया (मुसलमानों से नफरत) में भारी बढ़ोतरी हुई है.
दरअसल, साल 2024 में ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने आफताब मलिक को विशेष दूत के तौर पर इस्लामोफोबिया को कम करने और उस पर नजर रखने के लिए नियुक्त किया था. आफताब मलिक ने इस्लामोफोबिया पर अपनी एक रिपोर्ट वहां की सरकार से सामने पेश की है. इस रिपोर्ट में इस्लामोफोबिया को खत्म करने के लिए 54 सिफारिशें की है. इन सिफारिशों में मुस्लिम विरोधी सरकारी नीतियों और कानूनों की समीक्षा भी शामिल है.
रिपोर्ट में इस्लामोफोबिया खत्म करने के लिए सिफारिशें की गई हैं
इस रिपोर्ट के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया में बताया गया है कि साल 2023 से अब तक मुस्लिम विरोधी घटनाओं में 150 परसेंट और ऑनलाइन में 250 परसेंट की वृद्धि हुई है. वहीं, इस रिपोर्ट पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथली अल्बानीज ने कहा कि उनकी सरकार आफताब मलिक की रिपोर्ट और सिफारिशों पर सावधानीपूर्वक विचार करेगी. उन्होंने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलिया में धार्मिक आधार किसी पर हमला करना सिर्फ किसी व्यक्ति पर हमला नहीं है बल्कि, ऑस्ट्रेलिया के मूल्यों पर हमला है. एंथली अल्बानीज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया से इस्लामोफिबिया, नफरत और पूर्वाग्रह को खत्म करना होगा.
आफताब मलिक ने इस्लामोफोबिया पर क्या कहा?
आफताब मलिक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया में इस्लामोफोबिया लगातार बना हुआ है. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया में कभी इस्लामोफोबिया को इंकार किया गया, कभी इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन कभी भी इस समस्या के पूरी तरह खत्म करने के लिए काम नहीं किया गया. गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया की कुल आबादी 2.74 करोड़ है. ऑस्ट्रेलिया की कुल आबादी का 3.2 परसेंट मुस्लिम है.