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Zee SalaamMuslim Worldसूडान में भारी बवाल के बीच इस शहर पर सेना ने किया कब्जा, जानें इनसाइड स्टोरी

सूडान में भारी बवाल के बीच इस शहर पर सेना ने किया कब्जा, जानें इनसाइड स्टोरी

Sudan News: सूडान में नागरिक सरकार को सत्ता हस्तांतरित करने की मांग को लेकर 2021 से ही संघर्ष चल रहा है. मुख्य विवाद सेना और अर्धसैनिक बल 'आरएसएफ' के विलय को लेकर है. कई दिनों के तनाव के बाद ताजा हिंसा जारी है. इस बीच सूडान की सेना को बड़ी कामयाबी मिली है.

सूडान में भारी बवाल के बीच इस शहर पर सेना ने किया कब्जा, जानें इनसाइड स्टोरी

Sudan News: सूडान के महत्वपूर्ण शहर ओबैद पर एक साल से ज्यादा वक्त से अर्धसैनिक समूह ‘रेपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ)’ ने कब्जा कर लिया था. अब सूडान की सेना ने इस शहर पर कब्जा कर लिया है. अधिकारियों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि सेना की इस कार्रवाई से दक्षिण-मध्य क्षेत्र में एक रणनीतिक इलाके तक उनका कब्जा बहाल हो गया है.

सेना के प्रवक्ता ने क्या कहा?
सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल नबील अब्दुल्ला ने एक बयान में कहा कि सेना ने रविवार को व्हाइट नाइल प्रांत में आरएसएफ को उसके अंतिम गढ़ से भी खदेड़ दिया. पिछले साल अप्रैल में सूडान में सेना और आरएसएफ के बीच बढ़ते तनाव के बाद पूरे देश में युद्ध शुरू हो गया था और इसके साथ ही वहां अराजकता फैल गई थी.

कब हुई थी हिंसा की शुरुआत
संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय अधिकार समूहों के मुताबिक, राजधानी खार्तूम और अन्य शहरी क्षेत्रों में हुए युद्ध में सामूहिक दुष्कर्म और नस्ली हत्याओं सहित कई तरह के अत्याचार हुए हैं. वाणिज्यिक रूप से महत्वपूर्ण शहर ओबैद एक परिवहन केंद्र है, जो खार्तूम को दक्षिण दारफुर प्रांत की राजधानी न्याला से जोड़ता है. अप्रैल 2023 में संघर्ष की शुरुआत के बाद से ही इस पर आरएसएफ ने कब्जा कर रखा था.

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क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि सूडान में नागरिक सरकार को सत्ता हस्तांतरित करने की मांग को लेकर 2021 से ही संघर्ष चल रहा है. मुख्य विवाद सेना और अर्धसैनिक बल 'आरएसएफ' के विलय को लेकर है. कई दिनों के तनाव के बाद ताजा हिंसा जारी. आरएसएफ के जवानों को अपने लिए खतरा मानते हुए सेना ने पिछले सप्ताह उनकी तैनाती में बदलाव किया और नई व्यवस्था शुरू की. इसे लेकर आरएसएफ के जवानों में नाराजगी थी. कुछ उम्मीद थी कि बातचीत से समस्या का समाधान हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अक्टूबर 2021 में नागरिकों और सेना की संयुक्त सरकार के तख्तापलट के बाद से ही सेना और अर्धसैनिक बल आमने-सामने हैं.

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